Amethi: ड्रेन की सफाई न होने से दो हजार बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न

Amethi: तिलोई के पूरे दुंदी गांव में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात, 20 किलोमीटर तक खेतों में भरा बारिश का पानी; किसानों में आक्रोश

Amethi: अमेठी में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा तिलोई तहसील क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पूरे दुंदी गांव समेत आसपास के इलाकों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मूंग तालाब ड्रेन की समय रहते सफाई न होने के कारण बारिश का पानी खेतों में भर गया है। बताया जा रहा है कि करीब दो हजार बीघे से अधिक धान की खड़ी फसल जलमग्न हो गई है, जबकि करीब 20 किलोमीटर के दायरे में खेतों में पानी भरा हुआ है।

बारिश का पानी खेतों से निकलने के बजाय लगातार जमा होता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि गांव की सड़कें, खेत और कई स्थानों पर घरों के आसपास तक पानी पहुंच गया है। पानी में डूबी धान की फसल को देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। महीनों की मेहनत और खेती में लगाए गए पैसे पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

पहले से थी जलस्तर बढ़ने की सूचना, फिर भी नहीं चेते जिम्मेदार

ग्रामीणों का आरोप है कि मूंग तालाब ड्रेन में जलस्तर बढ़ने और जल निकासी प्रभावित होने की सूचना जिम्मेदार अधिकारियों को पहले से दी जा रही थी। इसके बावजूद समय रहते ड्रेन की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून से पहले ही ड्रेन की ठीक से सफाई करा दी जाती तो आज हजारों बीघे फसल पानी में डूबने से बच सकती थी।

जलभराव की स्थिति गंभीर होने के बावजूद तहसील स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी और बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखें और तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराएं।

सड़क से खेत और घर तक पानी ही पानी

जल निकासी बाधित होने के कारण पूरे क्षेत्र में पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है। गांव की सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित है। वहीं खेतों में कई दिनों से पानी भरा रहने के कारण धान की फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द पानी नहीं निकाला गया तो बची हुई फसल भी बर्बाद हो सकती है।

किसानों ने उठाया सवाल—आखिर जिम्मेदार कौन?

किसानों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि हर वर्ष बारिश और जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद नालों और ड्रेन की सफाई समय से क्यों नहीं कराई जाती। किसानों का सीधा सवाल है कि यदि मूंग तालाब ड्रेन की समय रहते सफाई करा दी जाती तो क्या आज हजारों बीघे धान की फसल पानी में डूबती?

अन्नदाताओं ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने, मूंग तालाब ड्रेन की सफाई कराने और युद्धस्तर पर जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही जलभराव से फसल को हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग उठाई है।

अब देखना यह है कि किसानों की इस गंभीर समस्या पर प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है और जलमग्न खेतों से पानी निकालने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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