Raebareli: ग्राम पंचायत बरौला निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र शीतलदीन ने ग्राम प्रधान के कार्यकाल में सरकारी धन के दुरुपयोग और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में जिला समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह और जल निगम के सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार को शामिल किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में प्रधान बनने के बाद काफी बदलाव आया है। शिकायत में ग्राम पंचायत में विकास कार्यों और सरकारी धन के खर्च से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत के साथ वर्ष 2016 से 2025 तक के कार्यों से संबंधित अभिलेख और भुगतान रसीदों की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।

जांच टीम ने ग्राम पंचायत अधिकारी से पिछले करीब 10 वर्षों के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों, भुगतान और अन्य संबंधित अभिलेखों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए आठ दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है। उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ग्राम पंचायत में हुए कार्यों और सरकारी धन के उपयोग की जांच की जाएगी।
दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
जिला समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह (Ranvijay Singh) ने बताया कि शिकायत के आधार पर ग्राम पंचायत के पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल की पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं और ग्राम प्रधान दोषी मिलता है तो नियमानुसार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










