CISF कैंप बोकारो थर्मल में ब्रह्माकुमारी प्रजापिता सेवा केंद्र द्वारा किया गया रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन

बोकारो थर्मल CISF कैंप में ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र ने रक्षाबंधन महोत्सव मनाया। जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर सकारात्मक सोच का संदेश दिया गया।

Bokaro Thermal: रक्षाबंधन के पर्व को इस बार बोकारो थर्मल स्थित सीआईएसएफ (CISF) कैंप में आध्यात्मिक संदेश और भाईचारे के भाव के साथ मनाया गया। शुक्रवार को ब्रह्माकुमारी प्रजापिता ईश्वरीय सेवा केंद्र की ओर से सीआईएसएफ (CISF) कैंप परिसर में विशेष रक्षाबंधन महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों ने अधिकारियों और जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें पर्व के आध्यात्मिक पक्ष से परिचित कराया।

आध्यात्मिक संदेश के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत सेवा केंद्र की संचालिका बीके कमला बहन ने की। उन्होंने रक्षाबंधन को सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित न मानते हुए इसे आत्मिक मजबूती और सकारात्मक संकल्प से जोड़कर समझाया। उनके अनुसार रक्षा सूत्र व्यक्ति को अपने भीतर झांकने और जीवन में अच्छे विचारों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

जवानों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र

समारोह के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने सीआईएसएफ के अधिकारियों और जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान जवानों के साथ आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और संयमित जीवन को लेकर भी संवाद हुआ। माहौल में आध्यात्मिकता के साथ अपनापन और पारिवारिक भाव देखने को मिला।

बीके कमला बहन ने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक अर्थ केवल एक धागा बांधना नहीं है। यह स्वयं को बुराइयों से दूर रखने और जीवन में पवित्रता का संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने विचारों को सकारात्मक बनाता है, तो वह विपरीत परिस्थितियों का सामना अधिक मजबूती से कर सकता है।

सकारात्मक ऊर्जा से बढ़ता है आपसी विश्वास

सीआईएसएफ यूनिट के सहायक कमांडेंट अरुण कुमार गिरि ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन जवानों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। ड्यूटी के दौरान जवान लगातार जिम्मेदारियों में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम उन्हें नई ऊर्जा देने का काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल जवानों में ही सकारात्मकता नहीं आती, बल्कि सुरक्षा बल और स्थानीय समाज के बीच भी विश्वास और आपसी संबंध मजबूत होते हैं।

रक्षाबंधन को बताया आत्मिक शक्ति का पर्व

कार्यक्रम में रक्षाबंधन के संदेश को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाया गया। आयोजन में मुख्य रूप से दो बातों पर जोर रहा—

  • नकारात्मक विचारों और बुराइयों से दूर रहकर सकारात्मक जीवन अपनाना।
  • आत्मिक शुद्धता, संयम और अच्छे संकल्पों को जीवन का हिस्सा बनाना।

अधिकारियों और बल सदस्यों की रही मौजूदगी

रक्षाबंधन महोत्सव में सीआईएसएफ के निरीक्षक ए.के. शर्मा, उप निरीक्षक रंजीत कुमार, राजीव कुमार कर्ण, कपिल भैरा, सी.डी. पाणिग्राही, सहायक उप निरीक्षक बी. कश्यप, ए.के. सरकार, आशा पांडेय, प्रधान आरक्षक जे.पी. यादव, एम.के. मिश्रा और अभिनीत कुमार समेत महिला बल सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में करीब 35 अन्य बल सदस्य भी शामिल हुए।

आयोजन ने दिया भाईचारे और सद्भाव का संदेश

बोकारो थर्मल सीआईएसएफ कैंप में आयोजित यह समारोह धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर सामाजिक सौहार्द और सकारात्मक सोच का संदेश देता नजर आया। रक्षा सूत्र के माध्यम से जवानों के प्रति सम्मान और शुभकामनाओं का भाव व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने आपसी प्रेम, विश्वास और सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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