Raebareli: अमावां ब्लॉक क्षेत्र के रसेहता गांव में बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को उस समय खुलकर सामने आ गया, जब बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिधौना विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए। गांव में लंबे समय से जर्जर विद्युत लाइनों और बार-बार होने वाले फाल्ट की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाए। उपकेंद्र पर अपनी शिकायत रखने के दौरान ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
हल्की बारिश और हवा में ही ठप हो जाती है आपूर्ति

ग्रामीणों का कहना है कि रसेहता की विद्युत लाइन लंबे समय से खराब हालत में है। तारों और लाइन की स्थिति ऐसी है कि मौसम में थोड़ा बदलाव आते ही फाल्ट की आशंका बढ़ जाती है। हल्की बारिश या तेज हवा के बाद बिजली गुल होना यहां आम परेशानी बन चुकी है। फाल्ट होने के बाद कई बार घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती, जिससे घरों के साथ-साथ छोटे कारोबार और रोजमर्रा के काम भी प्रभावित होते हैं।
शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जर्जर लाइन की समस्या को लेकर कई बार विभागीय स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि हर बार खराबी आने के बाद मरम्मत तो कर दी जाती है, लेकिन पुरानी लाइन को बदलने की दिशा में गंभीर पहल नहीं होती। इसी वजह से कुछ समय बाद दोबारा वही समस्या खड़ी हो जाती है।
संविदा कर्मियों पर पैसे मांगने के आरोप से बढ़ा आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने संविदा कर्मियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि बिजली में खराबी आने पर उसे ठीक करने के लिए पहुंचने वाले कुछ कर्मियों द्वारा कथित तौर पर उपभोक्ताओं से पैसे मांगे जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली विभाग की जिम्मेदारी के तहत होने वाले काम के लिए यदि उपभोक्ताओं से रकम वसूली जा रही है, तो इसकी जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
- रसेहता गांव की जर्जर विद्युत लाइन को जल्द बदला जाए।
- उपभोक्ताओं से कथित वसूली की शिकायतों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो।
अधिकारियों ने जांच का दिया भरोसा
मामला बढ़ता देख विद्युत विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि रसेहता गांव में बिजली लाइन की वास्तविक स्थिति की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही संविदा कर्मियों पर लगाए गए पैसे मांगने के आरोपों को भी गंभीरता से लेने की बात कही गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शिकायत जांच में सही पाए जाने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई नहीं हुई तो फिर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जर्जर तारों के कारण लगातार बनी रहने वाली परेशानी का स्थायी समाधान जरूरी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द लाइन नहीं बदली गई और कथित वसूली की शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।
अब विभाग की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
रसेहता के ग्रामीणों की शिकायत ने एक साथ दो अहम सवाल खड़े किए हैं—पहला, वर्षों से परेशानी का कारण बनी जर्जर बिजली लाइन आखिर कब बदलेगी और दूसरा, उपभोक्ताओं से कथित पैसे मांगने के आरोपों की जांच का नतीजा क्या होगा। फिलहाल ग्रामीणों को विभागीय कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि आश्वासन के बाद बिजली व्यवस्था में कितना सुधार आता है।










