रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत बसंतपुर क्षेत्र में स्थित KBP Mining Pvt. Ltd. में काम करने वाले मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। मजदूरों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं पर कंपनी प्रबंधन का अपेक्षित ध्यान नहीं है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मजदूरों ने उठाए सवाल

धरने पर बैठे मजदूर सुधीर पांडे और लालू प्रजापति सहित अन्य श्रमिकों ने कंपनी में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए। मजदूरों का आरोप है कि काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है और उनसे क्षमता से अधिक दबाव में काम कराया जाता है। उनका कहना है कि काम से जुड़ी समस्याओं के बारे में आवाज उठाने पर कई बार अधिकारियों की ओर से दबाव बनाया जाता है।
विरोध करने पर कार्रवाई का आरोप
मजदूरों ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने या किसी व्यवस्था का विरोध करने पर उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। कुछ श्रमिकों की ड्यूटी में बदलाव किए जाने की बात भी कही गई है। मजदूरों के अनुसार, इससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है। उनका कहना है कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए, न कि दबाव बनाकर।
वेतन भुगतान में देरी का भी मुद्दा
धरने पर बैठे मजदूरों ने वेतन भुगतान को लेकर भी शिकायत की है। उनका दावा है कि कुछ कर्मचारियों को लंबे समय से भुगतान नहीं मिला है। मजदूरों का कहना है कि करीब एक वर्ष तक वेतन नहीं मिलने की स्थिति में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लंबित भुगतान का जल्द निपटारा उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।
नौ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के सामने कुल नौ प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें हाई पावर कमेटी (HPC) के अनुसार मजदूरी का भुगतान, बकाया एरियर और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
मजदूरों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- करीब 10 महीने से कम दर पर काम कर रहे मजदूरों को HPC के अनुसार एरियर सहित भुगतान किया जाए और EPF से CMPFO में कवरेज की प्रक्रिया पूरी की जाए।
- सभी श्रमिकों को आईडी कार्ड और ज्वाइनिंग लेटर दिया जाए तथा LMP ड्राइवरों को HPC के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
बोनस, छुट्टी और भत्ते की भी मांग
मजदूरों ने बोनस, भुगतान से जुड़े लाभ, लीव, हॉलिडे और रविवार की छुट्टी देने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा नाइट अलाउंस और डस्ट अलाउंस दिए जाने की मांग की गई है। श्रमिकों का कहना है कि काम की परिस्थितियों को देखते हुए इन सुविधाओं का मिलना जरूरी है।
जीवन बीमा कराने की मांग
धरने पर बैठे श्रमिकों ने सभी मजदूरों का जीवन बीमा कराने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि खनन क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा सबसे अहम विषय है। इसके साथ ही HR विभाग द्वारा मजदूरों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाने की मांग की गई है।
प्रबंधन के सामने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
मजदूरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं, लेकिन मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
खबर लिखे जाने तक नहीं पहुंचे कंपनी के अधिकारी
मजदूरों के अनुसार, धरना शुरू होने के बाद खबर लिखे जाने तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई पदाधिकारी उनसे बातचीत करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा था। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कंपनी प्रबंधन मजदूरों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और विवाद के समाधान के लिए आगे क्या कदम उठाता है।










