Indore: केन्द्रीय जेल इंदौर में बंदियों के लिए संगीतमय संध्या का आयोजन, 171 कैदियों ने लिया संगीतमय शाम का आनंद

सकारात्मक सोच और मानसिक शांति के लिए आयोजित हुआ विशेष गीत-संगीत कार्यक्रम, अधिकारियों के साथ बंदियों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

Indore: केंद्रीय जेल इंदौर में मंगलवार को माहौल सामान्य दिनों से कुछ अलग नजर आया। जेल परिसर के सभागृह में आयोजित विशेष संगीतमय कार्यक्रम में गीतों की धुन गूंजी तो बंदियों के चेहरों पर भी उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को मानसिक सुकून देने के साथ उनके भीतर सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना था।

कलाकारों ने बांधा सुरों का समां

कार्यक्रम में रांग राग म्यूजिकल ग्रुप एंड आर्ट फाउंडेशन के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। फाउंडेशन के संचालक सुमीत शर्मा के नेतृत्व में कलाकार योगेश मालानी, उदय पाडरे और योगेश आनंद ने विभिन्न गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को संगीतमय बना दिया। प्रस्तुतियों के दौरान बंदियों ने भी खूब रुचि दिखाई और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

बंदियों की भागीदारी से कार्यक्रम बना खास

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि कार्यक्रम केवल कलाकारों तक सीमित नहीं रहा। जेल में निरुद्ध बंदियों ने भी मंच पर पहुंचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक सहज एवं जीवंत हो गया। आयोजन में कुल 171 बंदियों ने हिस्सा लिया।

जेल अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन

संगीत कार्यक्रम का आयोजन जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान उप जेल अधीक्षक इन्दरसिंह नागर, वरिष्ठ परिवीक्षा एवं कल्याण अधिकारी अभिषेक दांगी और सहायक जेल अधीक्षक सोनम बंडोरे भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुतियां देखीं और बंदियों की सहभागिता को प्रोत्साहित किया।

संगीत को बनाया सुधार का माध्यम

जेल प्रशासन का मानना है कि सुधार की प्रक्रिया केवल अनुशासन तक सीमित नहीं होती, बल्कि बंदियों के मानसिक और भावनात्मक पक्ष पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसी सोच के तहत समय-समय पर सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। संगीत जैसे माध्यम बंदियों को तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने में मददगार हो सकते हैं।

सकारात्मक माहौल बनाने की पहल

कार्यक्रम के पीछे जेल प्रशासन का एक प्रमुख उद्देश्य बंदियों के बीच सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। गीत-संगीत के जरिए उन्हें कुछ समय के लिए रोजमर्रा की जेल दिनचर्या से अलग रचनात्मक माहौल मिला। प्रशासन के अनुसार, ऐसे आयोजनों से मानसिक तनाव कम करने, मन को प्रसन्न रखने और सुधारात्मक वातावरण विकसित करने में सहायता मिल सकती है।

जेल में प्रतिभा को मिल रहा मंच

कार्यक्रम में बंदियों द्वारा खुद गीत प्रस्तुत करना इस पहल का एक अहम पहलू रहा। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा सामने रखने का अवसर मिला। जेल प्रशासन की ऐसी गतिविधियां बंदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास पैदा करने की दिशा में भी एक प्रयास के तौर पर देखी जा रही हैं।

संगीत के साथ सकारात्मक संदेश

केंद्रीय जेल इंदौर में आयोजित यह संगीतमय शाम मनोरंजन तक सीमित नहीं रही। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बंदियों को सकारात्मक दिशा से जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है। गीतों और प्रस्तुतियों के बीच बंदियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।

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