Bokaro Thermal: केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल में शुक्रवार को रांची संभाग की द्वितीय निपुण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) को मजबूत करने, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की समीक्षा करने तथा प्राथमिक एवं प्रारंभिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रभावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त श्रीमती सुजाता मिश्रा रहीं। कार्यक्रम की मेजबानी केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल के प्राचार्य डॉ. बी. आर. डे एवं वरिष्ठ प्राथमिक शिक्षिका श्रीमती विभा रानी श्रीवास्तव ने की। बैठक में रांची संभाग के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों से आए प्राचार्यों एवं हेडमास्टर्स ने भाग लिया। उपायुक्त श्री एस. वी. जोगलेकर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

बैठक में के.वी. नं. 1 धनबाद, के.वी. नं. 2 धनबाद, के.वी. मैथन डैम, के.वी. नं. 1 बोकारो, के.वी. बरकाथा, के.वी. कोडरमा, के.वी. हजारीबाग, के.वी. धनवार, के.वी. चंद्रपुरा, के.वी. गिरिडीह, के.वी. गोमो तथा के.वी. नं. 3 बोकारो सहित संभाग के विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बैठक की शुरुआत औपचारिक स्वागत, दीप प्रज्वलन एवं स्वागत भाषण के साथ सरस्वती वंदना, स्वागत गीत एवं स्वागत नृत्य के साथ प्राचार्य डॉ बलराम दे के द्वारा स्वागत भाषण से हुया lप्राचार्य डॉ बलराम दे ने इस मीटिंग के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए पहली बार केंद्रीय विद्यालय में इस प्रकार के आयोजन हेतु उपायुक्त महोदय एवं सहायक आयुक्त महोदया का धन्यवाद ज्ञापित किए l इसके पश्चात पिछली बैठक के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की गई। सत्र 2026-27 के आकलन ढांचे से संबंधित 23 जुलाई 2026 के पत्र के संदर्भ में चर्चा करते हुए SAMAGAM पोर्टल पर FLN Assessment एवं HPC से संबंधित नवीन अपडेट पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही Competency-Based Question Paper के निर्माण की प्रक्रिया एवं आवश्यक शैक्षणिक दृष्टिकोण पर भी चर्चा हुई।
बैठक में कक्षा V के PT-1 के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों की उपलब्धियों एवं सीखने में आने वाली कठिनाइयों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया। कमजोर विद्यार्थियों के लिए Remedial Interventions एवं उनकी सीखने की आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक रणनीतियां अपनाने पर विचार किया गया। विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों और आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा अंग्रेजी विषय में NIPUN लक्ष्यों की प्राप्ति, अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने तथा कक्षा-कक्ष में प्रभावी एवं बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर विशेष बल दिया गया। ‘कहानी से कलम तक’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों में रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल के विकास पर भी विचार साझा किए गए।
बैठक के अगले सत्र में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता, विद्यालयों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ शैक्षणिक पद्धतियों, तथा CwSN विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सहयोग एवं समावेशी वातावरण उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही PM SHRI योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्यालय स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों एवं गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों एवं हेडमास्टर्स ने अपने अनुभव, प्रभावी कार्यप्रणालियां एवं सुझाव साझा किए। अंत में अध्यक्ष की अनुमति से खुले विचार-विमर्श के माध्यम से अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
द्वितीय निपुण बैठक ने FLN एवं NIPUN लक्ष्यों की प्रभावी प्राप्ति, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार, अनुभवात्मक एवं दक्षता-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों के बीच शैक्षणिक अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। बैठक का समापन सभी विद्यालयों द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा के लिए निरंतर सामूहिक प्रयास करने के संकल्प के साथ हुआ।
अंत में प्राचार्य डॉ बलराम दे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया l उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु समस्त अधिकारियों, विद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं समस्त कर्मचारियों के साथ साथ विशेष रूप से विद्यालय के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार अरजरिया जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा l इस दौरान विद्यालय कि और से सुबह का नास्ता, दोपहर का भोजन एवं शाम की चाय की व्यवस्था की गयी l










