Farrukhabad: गणेश महोत्सव के समापन पर शुक्रवार को फर्रुखाबाद शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आस्था और भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा शहर गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा। सुबह से ही विभिन्न इलाकों से भगवान गणेश की प्रतिमाओं के साथ भव्य विसर्जन शोभायात्राएं निकलनी शुरू हो गईं। डीजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। अबीर-गुलाल उड़ाते हुए श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गणेश महोत्सव की बधाई दी और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ बप्पा को अंतिम विदाई दी।
शाम करीब पांच बजे तक शहर और देहात क्षेत्र से 55 गणेश प्रतिमाएं पांचाल घाट पहुंचीं। यहां पहले से तैयार किए गए गड्ढों में प्रतिमाओं का विधि-विधान से भू-विसर्जन कराया गया। प्रतिमाओं को गंगा में विसर्जित न कर भू-विसर्जन कराए जाने से श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन की इस व्यवस्था में सहयोग किया।

शोभायात्राओं में उमड़ा आस्था का सैलाब
गुरुवार को भीमसेन मार्केट, नेकपुर क्रॉसिंग, सरायमेदा, फतेहगढ़, रेलवे रोड समेत शहर के विभिन्न मोहल्लों और देहात क्षेत्रों से गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्राएं निकलीं। कहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली तो कहीं रेहड़ी पर सजे रथ में गणेश प्रतिमाओं को विराजमान किया गया। श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।
शोभायात्रा जिन रास्तों से गुजरी, वहां लोगों ने अपने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर भगवान गणेश की प्रतिमाओं पर पुष्पवर्षा की। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया गया। डीजे की तेज धुन और ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा जमकर थिरकते नजर आए। बच्चों और महिलाओं में भी गणेश प्रतिमाओं की विदाई को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
पांचाल घाट पर पहले से तैयार थे भू-विसर्जन स्थल
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर प्रशासन ने पांचाल घाट पर विशेष व्यवस्था की थी। गंगा को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से घाट पर जेसीबी की मदद से पहले ही गड्ढे तैयार करा दिए गए थे। शोभायात्राओं के पांचाल घाट पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की और इसके बाद उन्हें निर्धारित स्थान पर विधि-विधान से भू-विसर्जित कराया गया।
सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहा पुलिस बल
विसर्जन कार्यक्रम के दौरान पांचाल घाट और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। शोभायात्राओं के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार सक्रिय रहे। प्रशासन की निगरानी में प्रतिमाओं का भू-विसर्जन कराया गया।
गणेश महोत्सव के समापन पर दिनभर शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। बप्पा की विदाई के समय श्रद्धालुओं की आंखों में भावुकता भी नजर आई। जयकारों के बीच सभी ने अगले वर्ष भगवान गणेश के फिर से आगमन की कामना की।










