Kaimganj: लगातार 52 घंटे तक हुई बारिश ने कायमगंज शहर की तस्वीर बदल दी है। तड़के करीब चार बजे शुरू हुई बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में पानी इस कदर भर गया कि सड़क, बाजार और मोहल्ले तालाब जैसे नजर आने लगे। लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और लोगों को घर से निकलने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घरों से दुकानों तक पहुंचा बारिश का पानी

शहर के कई इलाकों में जलस्तर बढ़ने के कारण घरों, दुकानों और गोदामों में पानी दाखिल हो गया। लालकुआं रोड स्थित वर्मा मार्केट में करीब तीन फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। यहां कपड़े, मिठाई, कंप्यूटर समेत कई तरह की दुकानें हैं। व्यापारियों के सामने सामान बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
नोनियमगंज में बेसमेंट बने जलाशय
नोनियमगंज में हालात और गंभीर बताए जा रहे हैं। कई मकानों के बेसमेंट में करीब आठ फीट तक पानी पहुंच गया है। नगरपालिका की टीम पंपिंग सेट के जरिए पानी निकालने में जुटी है, लेकिन बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। इससे पानी निकालने की कवायद बार-बार प्रभावित हो रही है।
बिजली संकट ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
लगातार बारिश के बीच बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे से बिजली नहीं आने की बात कही जा रही है। रूटोल पावर हाउस में पानी भरने के कारण मशीनों के प्रभावित होने की जानकारी है। बिजली न मिलने से इनवर्टर और बैटरियां भी जवाब दे गईं और लोगों को मोमबत्ती व लैंप के सहारे रात गुजारनी पड़ी।
पानी के साथ नेटवर्क और चार्जिंग की समस्या
बिजली कटौती का असर सिर्फ रोशनी तक सीमित नहीं रहा। घरों में पानी की टंकियां खाली हो गईं और मोबाइल फोन चार्ज करना भी मुश्किल हो गया। मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आईं। चार्जिंग की समस्या के कारण ई-रिक्शा संचालन पर भी असर पड़ा।
बाजार और गोदामों में नुकसान का खतरा
ढूंढी गढ़ी गांव में फर्नीचर गोदाम के बेसमेंट में पानी भरने से प्लाईवुड समेत दूसरे सामान के खराब होने की आशंका है। स्थानीय स्तर पर नुकसान बड़ा होने की बात कही जा रही है। हालांकि वास्तविक आर्थिक नुकसान का आकलन पानी पूरी तरह उतरने के बाद ही हो पाएगा।
मकान और कॉलेज की बाउंड्री भी गिरी
मोहल्ला सधवाड़ा में बारिश और जलभराव के बीच एक कच्चा मकान ढह गया। वहीं एसएनएम इंटर कॉलेज की बाउंड्री गिरने की भी सूचना है। राहत की बात यह रही कि मकान गिरने की घटना में परिवार के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है।
गांवों में खेत और बस्तियां भी जलमग्न
शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है। पितौरा की बंजारा बस्ती सहित आसपास के इलाकों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में जलभराव के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश आगे भी जारी रही तो फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है।
जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार बारिश के बाद शहर में बने हालात ने जलनिकासी व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि नालों की सफाई और पानी निकालने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। नागरिकों ने प्रभावित इलाकों में पंपिंग अभियान तेज करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की है। इसके साथ बिजली आपूर्ति को सुरक्षित तरीके से बहाल करना भी जरूरी है। पानी कम होने के बाद ही मकानों, दुकानों, गोदामों और खेतों में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन सामने आ सकेगा।










