Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। महिला रिकर्व टीम स्पर्धा के फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पहली बार इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का गोल्ड हासिल किया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया।
भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

दक्षिण कोरिया की टीम महिला रिकर्व तीरंदाजी में लंबे समय से अपना दबदबा बनाए हुए थी। ऐसे प्रतिद्वंद्वी के सामने भारतीय खिलाड़ियों के लिए चुनौती आसान नहीं थी। मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। पहले सेट में भारत और दक्षिण कोरिया ने 54-54 अंक हासिल किए। इसके बाद दूसरे सेट में भी दोनों टीमों का स्कोर 56-56 रहा। लगातार दो सेट बराबर रहने से मुकाबला और रोमांचक हो गया।
तीसरे सेट में भारत ने बदला मुकाबले का रुख
शुरुआती दो सेट में बराबरी के बाद तीसरे सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। भारत ने इस सेट में 55 अंक जुटाए, जबकि दक्षिण कोरिया की टीम 51 अंक ही बना सकी। इस जीत के साथ भारतीय टीम को सेट पॉइंट के आधार पर 4-2 की बढ़त मिल गई। अब स्वर्ण पदक से भारत केवल एक महत्वपूर्ण अंक दूर था। खिलाड़ियों को अंतिम सेट में अपना संयम बनाए रखना था, क्योंकि छोटी-सी चूक भी मुकाबले का परिणाम बदल सकती थी।
कुमकुम के आखिरी शॉट ने भारत को दिलाया गोल्ड
चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने हार नहीं मानी। कुमकुम मोहोड़ के अंतिम तीर ने 10 अंक हासिल किए। वहीं, कीर्ति शर्मा के शुरुआती तीर के स्कोर को लेकर अधिकारियों ने दोबारा जांच की। शुरुआत में यह निशाना आठ अंक का दिखाई दिया था, लेकिन समीक्षा के बाद इसे नौ अंक माना गया। इस फैसले से भारत का सेट स्कोर दक्षिण कोरिया के बराबर हो गया। सेट ड्रॉ रहने के बावजूद भारत को जरूरी एक सेट पॉइंट मिला और टीम ने 5-3 से मुकाबला जीत लिया।
दक्षिण कोरिया की लगातार जीत का सिलसिला टूटा
इस जीत ने एशियन गेम्स की महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में दक्षिण कोरिया के लंबे वर्चस्व को समाप्त कर दिया। वर्ष 1998 से इस स्पर्धा में लगातार स्वर्ण जीतती आ रही कोरियाई टीम को इस बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार इस स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई थी। अब स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय टीम ने अपने अभियान को यादगार बना दिया।
आने वाली पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा
अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की इस सफलता ने भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी को नई पहचान दी है। यह जीत बताती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने भी भारतीय खिलाड़ी अपनी मेहनत, तकनीक और धैर्य के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। एशियन गेम्स में मिला यह ऐतिहासिक स्वर्ण भारतीय खेल जगत के लिए यादगार रहेगा और आने वाले खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगा।










