Gandhi Jayanti 2026: गांधी-शास्त्री जयंती पर सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्शों को अपनाने का संदेश

Gandhi Jayanti 2026: बोकारो थर्मल केंद्रीय विद्यालय में गांधी-शास्त्री जयंती मनाई गई। शिक्षकों और प्राचार्य डॉ. बीआर डे ने विद्यार्थियों को सत्य, अहिंसा, सादगी और देशसेवा का संदेश दिया।

Gandhi Jayanti 2026: देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देने वाले महापुरुषों की याद में केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल में गांधी-शास्त्री जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़े मूल्यों को याद किया। इस दौरान सत्य, अहिंसा, सादगी, ईमानदारी और देशसेवा जैसे आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया महापुरुषों को नमन

विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित करने के साथ हुई। शिक्षकों ने दोनों विभूतियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके विचारों और सिद्धांतों को याद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के इतिहास से परिचित कराने के साथ उन मूल्यों की अहमियत समझाना रहा, जो समाज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षकों ने बताए गांधी और शास्त्री के जीवन मूल्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक राकेश कुमार पाठक और शशि रंजन ने दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को स्वतंत्रता आंदोलन में नई दिशा दी। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री ने अपने सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण से सार्वजनिक जीवन में आदर्शों की मिसाल पेश की।

विद्यार्थियों के व्यवहार में दिखें महापुरुषों के आदर्श

शिक्षकों ने कहा कि महापुरुषों को याद करने का वास्तविक उद्देश्य उनके विचारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है। विद्यार्थियों के लिए सत्य बोलना, दूसरों के प्रति सम्मान रखना, अनुशासन का पालन करना और अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाना इन आदर्शों को अपनाने के व्यावहारिक तरीके हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को भी महत्व दें।

प्राचार्य डॉ. बीआर डे ने दिया प्रेरणादायक संदेश

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीआर डे ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा का मार्ग तथा लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और राष्ट्रसेवा आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इन महान विभूतियों के आदर्शों को केवल समारोह तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आचरण और दैनिक जीवन में भी अपनाएं। उनके अनुसार, अच्छे विचार तभी सार्थक होते हैं, जब वे व्यक्ति के व्यवहार में दिखाई दें।

मिष्ठान्न वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान्न वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। गांधी-शास्त्री जयंती के इस आयोजन ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि देश के महापुरुषों की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनके विचारों को समझना और उन्हें अपने जीवन में उतारना जरूरी है। सत्य, अहिंसा, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्य ही एक जिम्मेदार नागरिक और बेहतर समाज के निर्माण का आधार बनते हैं।

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