Jivitputrika Vrat 2026: आज जीवित्पुत्रिका व्रत, जानें अष्टमी श्राद्ध का मुहूर्त, राहुकाल और पारण का समय

Jivitputrika Vrat 2026: आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर शनिवार, 3 अक्टूबर को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाएगा। इस दिन माताएं संतान की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना से जिउतिया व्रत करेंगी। जानिए आज का पंचांग, शुभ-अशुभ समय, अभिजीत मुहूर्त और कल व्रत पारण का समय।

Jivitputrika Vrat 2026: शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर जीवित्पुत्रिका व्रत मनाया जाएगा। इसे जिउतिया या जितिया व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत में माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना करती हैं। कई परंपराओं में यह व्रत निर्जला रखा जाता है। व्रत की विधि और पारण का समय स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार मान्य पंचांग से देखना उचित रहता है।

सुबह 9:54 बजे तक रहेगी सप्तमी तिथि

पंचांग के अनुसार, शनिवार को सप्तमी तिथि सुबह 9 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। नक्षत्र की बात करें तो आर्द्रा नक्षत्र अगले दिन तड़के 4 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा। अष्टमी तिथि के आगमन के कारण इस दिन अष्टमी श्राद्ध का भी विशेष उल्लेख है। पितरों के निमित्त श्रद्धा और तर्पण करने वाले लोग अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार धार्मिक कार्य कर सकते हैं।

कल सुबह 7:28 बजे के बाद होगा जीवित्पुत्रिका व्रत का पारण

पंचांग में दी गई जानकारी के अनुसार, जीवित्पुत्रिका व्रत का पारण रविवार, 4 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 28 मिनट के बाद किया जाएगा। व्रत रखने वाली महिलाओं को पारण से पहले अपने क्षेत्र में प्रचलित नियमों और मान्य पंचांग की पुष्टि कर लेनी चाहिए। इस दिन जीमूतवाहन पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु संतान की मंगलकामना के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करेंगे।

आज का पंचांग/Aaj Ka Panchang

दिनाँक :- 03 अक्टूबर 2026.

दिन :- शनिवार l

विक्रम संवत :- 2083.

शक संवत :- 1948.

संवत्सर :- रौद्र

अयन :- दक्षिण अयन l

ऋतु :- वर्षा ऋतु l

मास :- आश्विन मास l

पक्ष :- कृष्ण पक्ष l

तिथि :- सप्तमी दिन में 09:54 तक l

नक्षत्र :- आर्द्रा शेष रात्री 04:01 तक l

चंद्रमा :- मिथुन राशि में अहोरात्र l

योग :- वरीयान योग सायं 06:49 तक l

राहु काल :- दिन में 09:00 से 10:30 तक l

सूर्योदय :- 05 : 39 : 37 बजे l

सूर्यास्त :- 05 : 30 : 22 बजे l

दिशा शूल :- पूर्व दिशा में l

व्रत पर्व :- जिवित्पुत्रिका व्रत आज l

भद्रा :- ×××××××××××××××××××××××l

विशेष :- अष्टमीश्राद्ध , जीमूत वाहन पूजा l

अभिजीत मुहूर्त :- दिन में 11:36 से 12:24 तक

नोट :- जिवित्पुतका व्रत का पारण कल 4 अक्टूबर रविवार को प्रातः 07:28 के बाद l

जीवित्पुत्रिका व्रत का धार्मिक महत्व

जीवित्पुत्रिका व्रत मातृत्व, संतान के प्रति स्नेह और परिवार की मंगलकामना से जुड़ा पर्व है। इस अवसर पर व्रत, पूजा और पारण की विधि का पालन श्रद्धा के साथ किया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित परंपराओं के कारण पूजा के समय में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित है।

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारी पर आधारित है। newsnationbharat.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से सलाह ले ले।

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