Raebareli: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तत्वावधान में बुधवार को जीआईसी मैदान में जनपद स्तरीय तीन दिवसीय सरस मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, परियोजना निदेशक डीआरडीए/उपायुक्त एनआरएलएम मुनेश चन्द्र तथा जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मेले के शुभारंभ के बाद जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, खाद्य पदार्थ, घरेलू उपयोग की सामग्री, पारंपरिक एवं स्थानीय उत्पादों समेत विभिन्न वस्तुओं को देखा और उनके निर्माण, लागत, बिक्री तथा बाजार से जुड़ी जानकारी ली। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए 28 स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हुनर और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने कौशल के बल पर विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर रही हैं। उन्हें यदि बेहतर बाजार और उचित मंच उपलब्ध कराया जाए तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरस मेला महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने हुनर के माध्यम से जनपद और प्रदेश की पहचान को भी आगे बढ़ा रही हैं। ऐसे आयोजनों से महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने और नए बाजार तलाशने का अवसर मिलता है। सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के उत्पाद बिक्री एवं प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध हैं। हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, पारंपरिक उत्पाद और स्थानीय स्तर पर तैयार की गई सामग्री लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मेले में आने वाले लोग उत्पादों को देखने के साथ उनकी खरीदारी भी कर रहे हैं। वहीं,विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आमजन को दी जा रही है। इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर जोर,कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर विपणन पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग बेहतर होने से उन्हें स्थानीय बाजार के साथ-साथ बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे समूहों की बिक्री बढ़ेगी और महिलाओं की आमदनी में भी इजाफा होगा। अधिकारियों ने महिलाओं से अपने उत्पादों की पहचान बनाने और उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर दिया। मेले को ग्रामीण महिलाओं के लिए अपने उत्पादों की पहचान बनाने और ग्राहकों से सीधे जुड़ने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.वी. सिंह,एलडीएम सुबोध मिश्रा, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी संतोष कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं, लाभार्थी तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। तीन दिवसीय सरस मेला आमजन के लिए ग्रामीण महिलाओं के हुनर, स्थानीय उत्पादों और सरकारी योजनाओं को एक साथ देखने-समझने का अवसर उपलब्ध करा रहा है।










