Raebareli News: नाबालिग बेटी के अपहरण और समझौते के दबाव का आरोप, पिता ने एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

Raebareli: रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गढ़ीखास गांव में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण, धमकी देने और मुकदमे में समझौता करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़ित पिता छविनाथ लोध ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, परिवार को सुरक्षा देने और नाबालिग बेटी का दोबारा मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की है।

पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में छविनाथ लोध ने बताया कि दो अक्टूबर की सुबह करीब पांच बजे उसकी नाबालिग बेटी अपनी बड़ी बहन के साथ शौच के लिए गई थी। आरोप है कि इसी दौरान अमन पासी और नीरज पासी वहां पहुंचे और उसकी नाबालिग बेटी को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने साथ ले गए। पीड़ित के मुताबिक विरोध करने पर आरोपितों की ओर से गाली-गलौज करने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पीड़ित पिता का कहना है कि घटना की शिकायत पुलिस से किए जाने के बाद मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में उसकी बेटी के थाने पहुंचने की जानकारी मिली। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने मामले में समझौता करने के लिए उस पर दबाव बनाया। पीड़ित का दावा है कि उसे एक लाख रुपये लेकर मामले को समाप्त करने के लिए कहा गया और इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि थाने में उससे सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। पीड़ित ने ग्राम प्रधान लक्ष्मीकांत समेत कुछ लोगों पर फोन के माध्यम से धमकी देने और मामले को दबाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसकी पत्नी के मोबाइल पर भी फोन कर मामले को मैनेज करने की बात कही गई। पीड़ित ने संबंधित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है।

दोबारा मेडिकल कराने की मांग

पीड़ित पिता ने नाबालिग बेटी के मेडिकल परीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि घटना के बाद बेटी डरी और सहमी हुई थी, जिसके कारण वह उचित तरीके से मेडिकल परीक्षण नहीं करा सकी। इसी आधार पर उसने पुलिस अधीक्षक से नाबालिग का पुनः मेडिकल परीक्षण कराए जाने की मांग की है।

पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच कराने, आरोपों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति साफ होगी।

Other Latest News

Leave a Comment