Raebareli: रायबरेली जिला महिला अस्पताल के गेट पर प्रसव के दौरान महिला द्वारा बच्चे को जन्म देने के मामले को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल के फोर्थ क्लास कर्मचारी, स्टाफ नर्स समेत अन्य कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने की बात कही गई है। सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दे कि आज दिनांक 5 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार को समय करीब 2:00 बजे सीएमओ ने जानकारी देते हुए बताया कि, दो दिन पूर्व प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला को जिला महिला अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल के गेट पर ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला ने जिला महिला अस्पताल पहुंचकर संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। जांच के दौरान मरीज को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई। इसमें अस्पताल में तैनात फोर्थ क्लास कर्मचारी और स्टाफ नर्स समेत अन्य स्टाफ की भूमिका की भी जांच की गई।
जांच के बाद सीएमओ ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मामले के बाद जिला महिला अस्पताल में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रसव से संबंधित मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सुविधा और सुरक्षित प्रसव व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










