NCSC Meet: बोकारो थर्मल स्थित केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का एक और अवसर सामने आया है। NCSC की क्षेत्रीय स्तरीय प्रतियोगिता के लिए विद्यालय की 11 छात्र परियोजनाओं में से 3 परियोजनाओं का चयन किया गया है। इस उपलब्धि के बाद विद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच उत्साह का माहौल है।
रांची में होगी क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता

चयनित परियोजनाओं को अब क्षेत्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय विद्यालय सीआरपीएफ (CRPF) रांची में NCSC मीट का आयोजन किया जाएगा। यहां बोकारो थर्मल (Bokaro Thermal) के विद्यार्थी अपनी तैयार की गई परियोजनाओं को दूसरे केंद्रीय विद्यालयों के प्रतिभागियों के सामने प्रस्तुत करेंगे। इस स्तर पर विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ के साथ-साथ उनके प्रस्तुतीकरण की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी।
स्कूल स्तर पर हुई परियोजनाओं की प्रस्तुति
क्षेत्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन से पहले विद्यालय में विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी विज्ञान परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. आर. डे, डीवीसी के वरिष्ठ प्रबंधक मनीष चौधरी, मार्गदर्शक शिक्षिका सोनिया कर्ण, मार्गदर्शक शिक्षिका प्रियंका कुमारी समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
उद्देश्य से लेकर निष्कर्ष तक समझाया
प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों ने केवल अपनी परियोजनाओं का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि उनके पीछे की सोच और प्रक्रिया को भी विस्तार से रखा। छात्रों ने परियोजनाओं के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, किए गए प्रेक्षण, प्राप्त निष्कर्ष और समाज के लिए उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। सवालों के जवाब देते हुए विद्यार्थियों ने अपने विषय की समझ भी प्रदर्शित की।
वैज्ञानिक सोच के साथ समस्या समाधान पर जोर
परियोजनाओं की प्रस्तुति में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक दृष्टि और रचनात्मक सोच नजर आई। अलग-अलग विषयों पर तैयार किए गए मॉडल और प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्रों ने रोजमर्रा की समस्याओं को वैज्ञानिक तरीके से समझने और उनके समाधान तलाशने की कोशिश की। इसी तरह की सोच को NCSC जैसी प्रतियोगिताओं में विशेष महत्व दिया जाता है।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. आर. डे ने चयनित विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा पहले से व्यापक होगी, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी परियोजनाओं को और व्यवस्थित करने के साथ प्रस्तुतीकरण के तरीके पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
प्रस्तुतीकरण में सुधार के मिले सुझाव
डीवीसी के वरिष्ठ प्रबंधक मनीष चौधरी ने भी विद्यार्थियों की परियोजनाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुझाव दिए। उन्होंने परियोजना की विषयवस्तु के साथ उसके प्रस्तुत करने के तरीके को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उनके सुझावों से विद्यार्थियों को क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता की तैयारी में मदद मिलेगी।
अब क्षेत्रीय मंच पर दिखेगा हुनर
विद्यालय की 11 परियोजनाओं में से 3 का क्षेत्रीय स्तर के लिए चुना जाना विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है। अब चयनित विद्यार्थी रांची में होने वाले NCSC मीट में अपनी परियोजनाओं के जरिए केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल का प्रतिनिधित्व करेंगे। विद्यालय परिवार को उम्मीद है कि विद्यार्थी वहां भी बेहतर प्रदर्शन कर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा को नए मंच पर सामने रखेंगे।










