Ranchi: सदर अस्पताल परिसर में पार्किंग स्टैंड के संचालन के लिए नए सिरे से बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू

पुराने संचालक को हटाए जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शुरू की नई बंदोबस्ती प्रक्रिया, 19 नवंबर को खुलेगी निविदा

Ranchi: सदर अस्पताल परिसर में पार्किंग स्टैंड के संचालन को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने नए सिरे से बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्किंग शुल्क की वसूली को लेकर हुए विवाद और मारपीट की घटना के बाद पुराने संचालक को हटाए जाने के बाद अब नए ठेकेदार की नियुक्ति की तैयारी है। इसके लिए सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय, राँची की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए खुली डाक के माध्यम से निविदा आमंत्रित की गई है।

12 महीने के लिए होगी बंदोबस्ती

जारी निविदा सूचना के मुताबिक, पार्किंग स्टैंड की बंदोबस्ती एकरारनामा की तिथि से 12 महीने के लिए की जाएगी। कामकाज संतोषजनक पाए जाने पर संबंधित संचालक को तीन महीने का अतिरिक्त अवधि विस्तार भी दिया जा सकता है। बंदोबस्ती की प्रक्रिया में सबसे अधिक बोली लगाने वाले आवेदक को प्राथमिकता मिलेगी।

18 नवंबर तक जमा कर सकेंगे आवेदन

पार्किंग स्टैंड के संचालन में रुचि रखने वाली निबंधित संस्थाएं, समितियां, प्रतिष्ठान और अच्छे आचरण वाले व्यक्ति निविदा प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक आवेदकों को अपना आवेदन 18 नवंबर को शाम चार बजे तक सिविल सर्जन कार्यालय में जमा करना होगा। आवेदन कार्यालय में हाथोंहाथ अथवा निबंधित डाक के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। प्राप्त निविदाएं 19 नवंबर को दोपहर तीन बजे संबंधित समिति के समक्ष खोली जाएंगी।

पार्किंग शुल्क को लेकर पहले हो चुका है विवाद

सदर अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था पहले भी विवादों में रह चुकी है। पार्किंग शुल्क की वसूली को लेकर हुए विवाद के दौरान सुपरवाइजर अजीत कुमार के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद सिविल सर्जन ने पुराने पार्किंग संचालक को हटा दिया था। इसके बाद से ही अस्पताल परिसर में पार्किंग संचालन के लिए नई बंदोबस्ती का इंतजार किया जा रहा था।

मरीजों और परिजनों को राहत देना होगी चुनौती

नई बंदोबस्ती के बाद अस्पताल परिसर की पार्किंग व्यवस्था को सुचारु बनाना प्रबंधन के सामने अहम चुनौती होगी। खासकर मरीजों और उनके परिजनों से निर्धारित दर के अनुसार ही पार्किंग शुल्क की वसूली सुनिश्चित करनी होगी। शुल्क को लेकर दोबारा विवाद की स्थिति न बने, इसके लिए निगरानी और पारदर्शिता जरूरी होगी। फिलहाल जारी निविदा सूचना में पार्किंग शुल्क की दरों का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में नए संचालक के चयन के साथ शुल्क निर्धारण और वसूली की शर्तों पर भी लोगों की नजर रहेगी।

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