Bokaro Thermal: दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के बोकारो ताप विद्युत केंद्र में 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान सहायक नियंत्रक (यांत्रिकी) दीनानाथ शर्मा ने अपनी बहुआयामी कार्यक्षमता और संगठनात्मक दक्षता का परिचय दिया। आयोजन समिति के सदस्य के रूप में उन्होंने अपने नियमित तकनीकी कार्यों के साथ सप्ताहभर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन, समन्वय, पर्यवेक्षण और निर्णयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सप्ताह के पहले दिन 26 अक्टूबर को उद्घाटन समारोह का मंच संचालन कर कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं गरिमामय स्वरूप दिया। 27 अक्टूबर को गोविंदपुर ‘डी’ पंचायत में आयोजित सतर्कता ग्रामसभा के संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। वहीं, 28 अक्टूबर को सतर्कता विषय पर आयोजित संगोष्ठी का मंच संचालन किया। 29 अक्टूबर को गोविंदपुर ‘एफ’ पंचायत में आयोजित ग्रामसभा के सफल संचालन और जनसहभागिता बढ़ाने में योगदान दिया।

30 अक्टूबर को कर्मचारी निबंध प्रतियोगिता में पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई। इसी दिन आयोजित सतर्कता प्रश्नोत्तरी में क्विज मास्टर के रूप में छह टीमों के बीच सामान्य प्रश्नोत्तरी और रैपिड फायर राउंड का रोचक अंदाज में संचालन किया। उनके प्रश्न पूछने की शैली ने प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
31 अक्टूबर को अंतरविद्यालय निबंध प्रतियोगिता में पर्यवेक्षक तथा भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा डीवीसी कर्मियों के जीवनसाथियों के लिए आयोजित निबंध प्रतियोगिता का भी पर्यवेक्षण किया। 1 नवंबर को विद्यार्थियों के लिए आयोजित चित्रांकन प्रतियोगिता के सफल संचालन में आयोजन समिति के सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई।
सप्ताह के अंतिम दिन 2 नवंबर को बिरसा मुंडा भवन के सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह का मंच संचालन किया। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों की घोषणा, कार्यक्रम का समन्वय तथा प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभाईं।
आठ दिनों तक लगातार विभिन्न गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मंच संचालन, प्रतियोगिताओं के पर्यवेक्षण, निर्णयन और समन्वय जैसे अलग-अलग दायित्वों को कुशलतापूर्वक निभाकर दीनानाथ शर्मा ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, कार्यक्षमता और संगठनात्मक कौशल की मिसाल पेश की।










