Amethi: अमेठी जिले में खाद की किल्लत की शिकायतों और धान खरीद की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। किसानों को खाद वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो और सरकारी धान क्रय केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खाद वितरण से लेकर धान खरीद तक की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जायस मंडी स्थित धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर खरीद की प्रगति, किसानों के पंजीकरण और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान केंद्र पर पीओएस मशीन उपलब्ध न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धान बेचने के लिए आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसानों से बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक धान खरीद सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पहली बार सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने पहुंचे दो किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया। उन्होंने दोनों किसानों को माला पहनाई और अंगवस्त्र भेंटकर उनका उत्साहवर्धन किया। डीएम के इस प्रयास का उद्देश्य किसानों का सरकारी खरीद व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाना और उन्हें केंद्रों पर धान बेचने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने ओदारी, निगोहा और सैम्बसी स्थित साधन सहकारी समितियों का भी निरीक्षण किया। यहां खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और किसानों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यूरिया और डीएपी का वितरण शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए। खाद वितरण में पारदर्शिता रखी जाए और किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
गौरतलब है कि जिले में एक नवंबर से धान खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए कुल 115 धान क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और खाद वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसानों को समय से खाद उपलब्ध होने के साथ उनकी उपज का उचित तरीके से सरकारी क्रय सुनिश्चित हो सके।










