स्वास्थ्य सेवाओं व व्यवस्थाओं की पोल खोलता लालगंज सीएचसी
रायबरेली : लालगंज तहसील क्षेत्र में स्थित सीएचसी अपनी ही बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जहां एक तरफ सूबे के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं और तरह-तरह की योजनाएं लाकर आम जनता को सहूलियत देने का काम कर रहे हैं। यही नहीं सरेनी विधानसभा के पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह लालगंज को जिला घोषित करने के लिए प्रशासन से लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन लालगंज की सीएचसी की हालत बद से बत्तर होती जा रही है। मामला लालगंज सीएचसी का है। जहां पर सीएचसी अधीक्षक की लापरवाही के चलते सीएचसी में कूड़े का अंबार लगा हुआ है। वही साफ सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि सीएचसी के अंदर बने शौचालय की हालत इतनी खराब है कि शौच जाने को तो छोड़ो गेट खोलने की जहमत कोई नहीं करता। इसी के साथ-साथ बाहर बने गमले में फूल के बजाय जंगली बाबुल पनप रहे हैं। सीएससी अधीक्षक अमन पटेल कितने गैर जिम्मेदार हो गए हैं कि अपने कार्यालय में लगा जाला इनको दिखाई नहीं देता है। जब साहब के ऑफिस में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, तो सीएचसी में बने शौचालय और बाहर लगी फुलवारी में जंगली बाबुल और गन्दगी साहब को नजर नहीं आएगी। लालगंज सीएचसी की हालत वास्तव में खराब है, और यह समझ से परे है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। कूड़े का अंबार, शौचालयों की दुर्दशा और गमलों में जंगली बाबुल का पनपना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाता है। यह समझ से परे है कि जब उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रयासरत हैं, तब भी ऐसी स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी नवीन चंद्रा से बात करने की कोशिश की गई तो उनके दूरभाष पर संपर्क नहीं हो पाया है।