रायबरेली : खाद गोदाम हुआ जर्जर, नहीं आ रही खाद, किसान दर दर भटकने को मजबूर

भवन देखने व मरम्मत कराने की विभाग को नहीं मिल रही फुर्सत

डलमऊ : स्थानीय साधन सहकारी समिति का भवन जर्जर होकर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। मरम्मत के अभाव में भवन की दशा दयनीय हो गई है। खाद रखने के लिए बिल्डिंग ना होने से खाद नहीं आ पा रही। इसके पहले किसी तरह समिति के सचिव बिल्डिंग प्राइवेट किराए में लेकर खाद का वितरण कर रहे थे, लेकिन अब मकान मालिक ने वो भी भवन किराए पर देने से मना कर दिया। गोदाम की व्यवस्था न होने से खाद की खेप नहीं आ पा रही। इसके लिए किसान दर दर भटकने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं भवन ठीक न कराए जाने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। जानकारी के मुताबिक डलमऊ विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत जोहवा नटकी गांव में स्थित साधन सहकारी समिति मरम्मत के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गया है। नई बिल्डिंग न मिलने के कारण खाद की खेप नहीं आ पा रही है। इस समय धान की खेती का सबसे महत्वपूर्ण समय चल रहा है किसानो को खाद की बेहद जरूरत है। वहीं बिल्डिंग जर्जर होने की अवस्था में खाद का भंडारण नहीं हो पा रहा। ऐसी स्थिति में किसानों को खाद्य नहीं मिल पा रही और दर-दर भटक रहे हैं। दशकों पूर्व लाखों की लागत से बना यह भवन मरम्मत के अभाव में बर्बाद हो गया है। छतों के जवाब देने से बरसात का पानी गोदाम के कमरे के अंदर टपकता है। इससे प्रति वर्ष हजारों की खाद खराब हो जाती है। वहीं छत से पानी का रिसाव होने से छत जर्जर हो चुकी है और टूट चुकी हैं। इसके प्लास्टर आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं बिल्डिंग की हालत देखकर लगता है कि यह कभी भी धरासाही हो सकती है खिड़की दरवाजे भी सड़कर ध्वस्त हो गए हैं। कई बार किसानों एवं जनप्रतिनिधियों ने उच्च अधिकारियों से भवन निर्माण की मांग की लेकिन जिम्मेदारों ने अभी तक भवन निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया। विभाग को भवन देखने व मरम्मत कराने की फुर्सत नहीं मिल रही है। क्षेत्र के अवधेश कुमार, राम लखन, श्याम मनोहर मौर्य, राजू, राम मूर्ति, मनोज यादव, अनिल कुमार, आदि लोगों ने शासन प्रशासन के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए शीघ्र भवन ठीक कराए जाने की मांग की है और बताया कि समिति के सचिव बोरियो पर पन्नी डालकर किसी तरह खाद को नमी से बचाने का प्रयास कर बेच रहे थे। लेकिन अब साधन सहकारी समिति का भवन बेहद जर्जर व पुराना हो चुका छत व दीवारें जगह-जगह से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है हल्की बरसात में भी समिति के अंदर पानी भर जाता है। इतना सब कुछ होने के बाद भी विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। वही समिति के सचिव संजय कुमार ने बताया हैं कि बिल्डिंग निर्माण के लिए कई बार क्षेत्रीय ब्लॉक प्रमुख एवं ग्राम प्रधान से कहा गया लेकिन हर बार बजट न होने का हवाला दिया जाता है उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।

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