Apple Pay India Launch 2026: ऐप्पल पे (Apple Pay) एक बहुत ही आसान और सुरक्षित डिजिटल पेमेंट सर्विस है, जो ऐप्पल कंपनी ने बनाई है। इसमें आप अपने आईफोन, ऐप्पल वॉच या आईपैड में क्रेडिट या डेबिट कार्ड जोड़कर बस फोन को दुकान के पेमेंट मशीन पर टैप करके पेमेंट कर सकते हैं। कोई कार्ड निकालने की जरूरत नहीं, कोई पिन डालने की भी नहीं – बस फेस आईडी या टच आईडी से पुष्टि करके काम हो जाता है।
दुनिया भर में 89 से ज्यादा देशों में यह सर्विस चल रही है, लेकिन भारत में अब तक नहीं आई थी। अब खबर है कि 2026 के अंत तक यानी इसी साल के आखिर में यह भारत में लॉन्च हो सकती है। आईफोन यूजर्स के लिए यह बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि अब वे भी बिना पैसे या कार्ड निकाले आसानी से पेमेंट कर पाएंगे।

भारत में लॉन्च की तैयारी कैसे चल रही है?/Apple Pay India Launch 2026
हाल ही में कई बड़ी खबरों में बताया गया है कि ऐप्पल कंपनी अब भारत में ऐप्पल पे लाने के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है। कंपनी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), बड़े बैंक, वीजा और मास्टरकार्ड जैसी कार्ड कंपनियों से बातचीत कर रही है। ये सब इसलिए क्योंकि भारत में पेमेंट सिस्टम के सख्त नियम हैं, और ऐप्पल को सरकारी मंजूरी लेनी होगी।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी इस साल के अंत तक (यानी दिसंबर 2026 तक) लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। पहले चरण में यह सिर्फ क्रेडिट और डेबिट कार्ड से काम करेगी, यानी NFC (Near Field Communication) टेक्नोलॉजी से टैप करके पेमेंट। अभी UPI (जैसे गूगल पे, फोनपे) के साथ जुड़ने की बात नहीं है, लेकिन भविष्य में हो सकता है।
भारत में अभी ऐप्पल पे की क्या स्थिति है?
फिलहाल भारत में ऐप्पल पे सिर्फ विदेशी यूजर्स के लिए काम करता है। मतलब, अगर कोई विदेशी व्यक्ति भारतीय वेबसाइट पर शॉपिंग करता है और उसके पास ऐप्पल पे है, तो वह पेमेंट कर सकता है। लेकिन भारतीय आईफोन यूजर्स अपने कार्ड ऐप्पल वॉलेट में नहीं जोड़ पा रहे हैं। दुकानों में टैप करके पेमेंट, मेट्रो में सफर या QR कोड से कुछ भी नहीं हो पाता।
आईफोन में NFC चिप तो पहले से है, लेकिन नियमों और पार्टनरशिप की कमी से यह फीचर बंद पड़ा है। अब ऐप्पल इसे खोलने के लिए मेहनत कर रही है।
भारत के पेमेंट मार्केट पर क्या असर पड़ेगा?
भारत में डिजिटल पेमेंट का बाजार बहुत बड़ा है। UPI ने सब कुछ बदल दिया है – रोजाना करोड़ों ट्रांजेक्शन होते हैं, और गूगल पे, फोनपे, पेटीएम जैसे ऐप्स सबसे आगे हैं। ये सब फ्री या बहुत कम चार्ज में काम करते हैं।
ऐप्पल पे आने से कॉम्पिटिशन बढ़ेगा। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा होगा जो क्रेडिट कार्ड ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। टैप करके पेमेंट करना बहुत तेज और सुरक्षित होता है, और ऐप्पल का सिक्योरिटी सिस्टम दुनिया में सबसे मजबूत माना जाता है। लेकिन UPI जितना सस्ता और हर जगह उपलब्ध नहीं होगा, क्योंकि शुरुआत में सिर्फ ऐप्पल डिवाइस पर काम करेगा और कार्ड से जुड़ा होगा।
कई एक्सपर्ट कहते हैं कि ऐप्पल पे UPI को पूरी तरह चुनौती नहीं देगा, बल्कि एक नया विकल्प बनेगा। प्रीमियम यूजर्स, जो आईफोन इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह फीचर पसंद आएगा। साथ ही, दुकानों में जहां NFC मशीन है, वहां पेमेंट आसान हो जाएगा।
यूजर्स को क्या फायदे मिलेंगे?
- सुरक्षा: कार्ड की डिटेल्स कभी शेयर नहीं होतीं। हर ट्रांजेक्शन के लिए अलग कोड बनता है।
- सुविधा: कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं। बस फोन टैप करो और हो गया।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों: ऐप्पल पे से ऑनलाइन शॉपिंग और दुकानों में पेमेंट दोनों हो सकेंगे।
- टैप टू पे ऑन आईफोन: कुछ देशों में आईफोन से ही दूसरों को पेमेंट लेने का फीचर है – भारत में भी आ सकता है।
- ऐप्पल वॉच सपोर्ट: घड़ी से भी पेमेंट संभव होगा।
चुनौतियां क्या हैं?
- UPI का दबदबा: भारत में 90% से ज्यादा पेमेंट UPI से होते हैं। लोग फ्री ट्रांजेक्शन पसंद करते हैं।
- चार्जेस: कार्ड से पेमेंट में बैंक या नेटवर्क चार्ज लग सकता है।
- केवल ऐप्पल यूजर्स: एंड्रॉयड यूजर्स को फायदा नहीं होगा।
- मंजूरी में देरी: RBI और बैंकों से बातचीत लंबी चल सकती है।
निष्कर्ष
ऐप्पल भारत में तेजी से बढ़ रही है। आईफोन की बिक्री बढ़ रही है, स्टोर खुल रहे हैं, और अब सर्विसेज जैसे ऐप्पल पे लाने की तैयारी है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो 2026 के आखिर तक भारतीय यूजर्स को यह सर्विस मिल जाएगी। यह डिजिटल पेमेंट में एक नया दौर ला सकता है, जहां टैप करके पेमेंट आम हो जाएगा।










