Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढही, 2 की मौत; कई लोगों की तलाश जारी

Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग का हिस्सा ढहने से 2 लोगों की मौत हो गई। एनडीआरएफ और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बालाजी नगर स्थित चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के चलते राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

रात साढ़े 11 बजे अचानक गिरी बिल्डिंग की ‘बी’ विंग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा रात करीब 11:30 बजे हुआ, जब इमारत की ‘बी’ विंग का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। तेज धमाके जैसी आवाज सुनते ही स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़े और तुरंत पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में राहत एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

एनडीआरएफ चला रही है बचाव अभियान

हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ठाणे आपदा मोचन दल, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। मलबे में जीवन के संकेत तलाशने के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ श्वान दस्ते की भी मदद ली जा रही है। एक महिला और एक घायल बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

दो लोगों की मौत, कई अब भी लापता

अब तक बचाव दल मलबे से दो शव बरामद कर चुका है। अधिकारियों का कहना है कि सात से आठ लोगों के अब भी फंसे होने की संभावना है। इसी वजह से भारी मशीनों की मदद से मलबा सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है, ताकि किसी भी जीवित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है।

पहले ही घोषित की जा चुकी थी खतरनाक

नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार कोहिनूर बिल्डिंग में कुल 48 कमरे थे और प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे। भवन को पहले ही खतरनाक श्रेणी में रखा जा चुका था। बताया जा रहा है कि हादसे के समय इमारत में मरम्मत का काम भी चल रहा था। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि जर्जर घोषित इमारत में लोग आखिर क्यों रह रहे थे और सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया।

पहले सुनाई दी दरार की आवाज

स्थानीय निवासियों ने बताया कि दुर्घटना से करीब ढाई घंटे पहले इमारत से अजीब आवाजें आने लगी थीं। कुछ लोगों ने खतरा भांपते हुए परिवारों को बाहर निकलने की सलाह दी, जिससे कई लोगों की जान बच गई। हालांकि, कुछ निवासी बाहर निकलने की कोशिश ही कर रहे थे कि इमारत का हिस्सा अचानक गिर पड़ा।

प्रशासन की प्राथमिकता, हर व्यक्ति तक पहुंचे राहत दल

फिलहाल बचाव अभियान पूरी रफ्तार से जारी है। प्रशासन का कहना है कि जब तक मलबे में फंसे सभी लोगों की तलाश पूरी नहीं हो जाती, तब तक अभियान नहीं रोका जाएगा।

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