किशोरावस्था के बदलावों को समझने पर जोर, कार्मेल स्कूल में शिक्षकों के लिए विशेष सेमिनार

बोकारो थर्मल में आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञ ने बताए हार्मोनल बदलावों के असर और समाधान के तरीके

बोकारो थर्मल स्थित कार्मेल उच्च विद्यालय बोकारो थर्मल में शिक्षकों के लिए एक दिवसीय विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में किशोरावस्था के दौरान विद्यार्थियों में होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों और उनसे उत्पन्न व्यवहारिक बदलावों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात मनोवैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् डॉ. गुंजन सैनी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि किशोरावस्था एक संवेदनशील दौर होता है, जिसमें विद्यार्थियों के व्यवहार और भावनाओं में तेजी से बदलाव आते हैं। इस दौरान चिड़चिड़ापन, आत्मविश्वास में उतार-चढ़ाव और भावनात्मक अस्थिरता सामान्य हैं, जिन्हें समझदारी और सहानुभूति के साथ संभालना आवश्यक है।

उन्होंने शिक्षकों को सलाह दी कि वे विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखें तथा उन्हें एक सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण प्रदान करें, ताकि वे अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर सकें।

सेमिनार में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपने अनुभव साझा किए। इस आयोजन ने शिक्षकों को विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और उनके व्यवहार को समझते हुए सही मार्गदर्शन देने के लिए नई दृष्टि प्रदान की।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर प्रेमलता लॉरेंस ने डॉ. गुंजन सैनी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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