झारखंड के बोकारो जिले में नशा मुक्ति और तंबाकू नियंत्रण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। कटहरा ओपी थाना क्षेत्र में लोगों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए एक बड़ी रैली आयोजित की गई। इस अभियान में पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
रैली का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि तंबाकू और नशे का सेवन स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है। अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि तंबाकू शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है और धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों की वजह बनता है।

थाना प्रभारी ने मांगा समाज से सहयोग
कटहरा ओपी प्रभारी राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि नशे और तंबाकू के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें पूरे समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से इस अभियान में सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि गांव और मोहल्लों में जागरूकता फैलाकर युवाओं और बच्चों को नशे की आदत से बचाया जा सकता है। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में आगे आना होगा।
झारखंड में तंबाकू सेवन को लेकर चिंता
कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन बोकारो ने राज्य में बढ़ते तंबाकू सेवन पर चिंता जताई। उन्होंने जानकारी दी कि झारखंड की लगभग 38.9 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करती है। इनमें करीब 5.1 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं, जिनकी उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच है।
उन्होंने कहा कि कम उम्र में बच्चों का नशे की ओर बढ़ना बेहद चिंताजनक है। ऐसे बच्चों को सही मार्गदर्शन देकर नशे से दूर रखना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों को जरूरी बताया।
एक महीने तक चलेगा विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि 26 मई से 26 जून तक पूरे बोकारो जिले में नशा मुक्ति और तंबाकू नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जागरूकता रैली, बैठकें, शपथ कार्यक्रम और अन्य जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत लोगों को कोटपा एक्ट 2003 और एनडीपीएस एक्ट 1985 की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि लोग कानून के प्रति जागरूक हो सकें और उसका पालन करें।
पोस्टर और हस्ताक्षर अभियान के जरिए दिया गया संदेश
रैली समाप्त होने के बाद तंबाकू छोड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करने हेतु टोल फ्री नंबर वाले पोस्टर ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों पर लगाए गए। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
लोगों ने बैनर पर हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और यह शरीर को अंदर से कमजोर कर देता है। स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों को नशा छोड़ने के उपाय भी बताए।
नियमों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ होगी कार्रवाई
अभियान के दौरान कोटपा एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई करते हुए तंबाकू नियमों का उल्लंघन करने वाली 6 दुकानों पर चालान किया गया। इस दौरान कुल 650 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
प्रशासन ने साफ किया कि सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
अभियान में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस जागरूकता कार्यक्रम में कई अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रोफेसर गोपाल प्रजापति, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रभाकर कुमार, हरीश नाग, सदन राम, अजय हांसदा, कटहरा ओपी प्रभारी राजेश कुमार प्रजापति, जिला परामर्शी मो. असलम, सामाजिक कार्यकर्ता छोटेलाल दास, सुनीता सिंह, अभिषेक आनंद, मिलन गुप्ता, सोनू कुमार, रिया कुमारी, अंतरा कुमारी, रोहित कुमार, अमन तिवारी और सानिया नाज समेत कई लोग मौजूद रहे।
युवाओं को नशे से दूर रखना सबसे बड़ी चुनौती
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में युवाओं और बच्चों को नशे से बचाना बेहद जरूरी हो गया है। यदि समय रहते जागरूकता नहीं फैलाई गई, तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।










