Delhi EV Policy 2026: दिल्ली EV पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम इस नई नीति के तहत 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को अगले तीन वर्षों तक चरणबद्ध तरीके से सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।
दिल्ली सरकार का दावा है कि यह नीति राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। नई EV नीति 1 जुलाई से लागू होगी और आगामी चार वर्षों में इस पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को मिलेगा बड़ा फायदा
नई EV नीति के तहत 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर खरीदारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह छूट मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेजी आएगी और लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट से इलेक्ट्रिक कारों की कुल खरीद लागत कम होगी, जिससे मध्यम वर्ग के खरीदारों को भी लाभ मिलेगा।
ई-टू-व्हीलर पर मिलेगी तीन साल तक सब्सिडी
दिल्ली EV पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को आकर्षक सब्सिडी दी जाएगी। सरकार के अनुसार:
- पहले वर्ष में ₹30,000 तक की सब्सिडी
- दूसरे वर्ष में ₹20,000 तक की सब्सिडी
- तीसरे वर्ष में ₹10,000 तक की सब्सिडी
सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग पेट्रोल चालित दोपहिया वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट हों। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि ईंधन पर होने वाला खर्च भी घटेगा।
2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का होगा पंजीकरण
नई नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का ही पंजीकरण किया जाएगा। इसका मतलब है कि नए पेट्रोल और सीएनजी ऑटो रिक्शा को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा।
इसके अलावा, सरकार ने यह भी घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही नया पंजीकरण किया जाएगा। यह फैसला राजधानी को स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने के उद्देश्य से लिया गया है।
15,000 करोड़ रुपये का होगा निवेश
दिल्ली सरकार ने कहा है कि आगामी चार वर्षों में इस नीति के तहत लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह राशि इलेक्ट्रिक वाहन इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशनों के विस्तार, सब्सिडी वितरण और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं पर खर्च की जाएगी सरकार का लक्ष्य राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करना और आम नागरिकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुलभ बनाना है।
2030 तक प्रदूषण मुक्त दिल्ली का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने इस नीति को 31 मार्च 2030 तक राजधानी को प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। सरकार का मानना है कि यदि इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर अपनाया गया, तो दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की यह पहल लंबी अवधि में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
दिल्ली EV पॉलिसी की प्रमुख बातें
- 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर तीन साल तक सब्सिडी
- 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का पंजीकरण
- 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का नया पंजीकरण
- अगले चार वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश
- 2030 तक प्रदूषण मुक्त दिल्ली का लक्ष्य










