कराची में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान ने इस हमले के पीछे भारत का हाथ होने का आरोप लगाया, लेकिन भारत सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। इसी बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी पाकिस्तान के दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि दूसरे देशों पर आरोप लगाने से पहले पाकिस्तान को अपने यहां पनप रहे आतंकवाद पर ध्यान देना चाहिए।
मनीष तिवारी ने अपने बयान में अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जो देश अपने आंगन में सांप पालता है, वह यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वे केवल पड़ोसियों को ही नुकसान पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नीतियों का असर आखिरकार उसी देश पर भी पड़ता है।

कराची में क्या हुआ?
रिपोर्टों के अनुसार कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय के पास बड़ा आतंकी हमला हुआ। पहले विस्फोट हुआ और उसके बाद हथियारबंद आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच काफी देर तक मुठभेड़ चली। इस हमले में कई सुरक्षाकर्मी हताहत हुए जबकि जवाबी कार्रवाई में हमलावरों को भी मार गिराया गया।
पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप
हमले के बाद पाकिस्तान की सेना की मीडिया शाखा ने दावा किया कि इस हमले के पीछे भारत समर्थित तत्वों का हाथ है। हालांकि इस आरोप के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया गया। इसके बावजूद पाकिस्तान की ओर से भारत पर गंभीर आरोप लगाए गए।
भारत ने आरोपों को बताया निराधार
भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को बिना सबूत आरोप लगाने के बजाय अपने देश में मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। भारत ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर ध्यान भटकाने की कोशिश उचित नहीं है।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपने भीतर झांकने की जरूरत है। उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति अंततः उसी देश के लिए नुकसानदायक साबित होती है।
हिलेरी क्लिंटन के बयान का किया जिक्र
अपने बयान में मनीष तिवारी ने हिलेरी क्लिंटन के उस पुराने बयान को साझा किया जिसमें कहा गया था कि कोई भी देश अपने घर में सांप पालकर यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वे केवल पड़ोसी को ही नुकसान पहुंचाएंगे। इसी बयान का हवाला देते हुए उन्होंने पाकिस्तान की आलोचना की।
दोनों देशों के बीच बढ़ी बयानबाजी
कराची हमले के बाद दोनों देशों की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं। एक ओर पाकिस्तान भारत पर आरोप लगा रहा है, वहीं भारत इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पाकिस्तान से अपने यहां आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की बात कह रहा है।
आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई
हमले के बाद कराची में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी। घटनास्थल के आसपास आने-जाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। भारत और पाकिस्तान के लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने आधिकारिक बयानों को साझा किया, जबकि कई यूजर्स ने दोनों देशों के नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर अपनी राय रखी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
भारत में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस सहित कई नेताओं ने पाकिस्तान के आरोपों पर अपनी बात रखी। राजनीतिक दलों के बयानों के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
कराची हमला बना चर्चा का विषय
कराची में हुए आतंकी हमले और उसके बाद लगाए गए आरोपों ने पूरे घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। सुरक्षा, आतंकवाद और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर लगातार बयान सामने आ रहे हैं।
भारत का स्पष्ट रुख
भारत ने एक बार फिर साफ किया कि वह बिना आधार वाले आरोपों को स्वीकार नहीं करता। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को अपने यहां मौजूद आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए और दूसरे देशों पर आरोप लगाने से पहले अपनी आंतरिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
बयानों के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
कराची आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों और भारत की प्रतिक्रिया के बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के बयान ने भी राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं और पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है।










