Narela Factory Fire: दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार सुबह अचानक हड़कंप मच गया जब एक जूता बनाने वाली फैक्ट्री से आग की लपटें उठती दिखाई दीं। करीब 7:45 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग दहशत में आ गए। कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग काले धुएं से घिर गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर मचा हड़कंप
दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के अनुसार उन्हें सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर आग लगने की कॉल मिली थी। फैक्ट्री में रबड़ और प्लास्टिक जैसे ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलते ही दमकल की 17 गाड़ियां एक के बाद एक मौके पर भेज दी गईं।

देखते ही देखते विकराल हुई आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग शुरू में मामूली लगी, लेकिन फैक्ट्री के अंदर मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण तेजी से फैल गई। जूते बनाने में इस्तेमाल होने वाले रबड़ और प्लास्टिक ने आग को और भड़काने का काम किया। कुछ ही देर में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे हालात काबू से बाहर होते नजर आए।
दमकल की 17 गाड़ियों पहुंची मौके पर
सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और एक के बाद एक कुल 17 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कई दिशाओं से पानी की बौछारें शुरू कीं। हालांकि घने धुएं और तेज लपटों के बीच राहत कार्य आसान नहीं रहा।
संकरी गलियों ने बढ़ाई मुश्किल
नरेला के इस औद्योगिक क्षेत्र की तंग गलियां दमकल टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गईं। भारी वाहनों को अंदर तक पहुंचने में दिक्कत आई, जिससे शुरुआती समय में आग पर नियंत्रण पाने में देरी हुई। साथ ही धुएं की घनत्व इतनी ज्यादा थी कि दृश्यता भी काफी कम हो गई।
इस पूरे हादसे के बीच सबसे राहत भरी खबर यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। माना जा रहा है कि सुबह का समय होने के कारण फैक्ट्री में कामगारों की संख्या कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारी जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहने की बात कर रहे हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद फैक्ट्री के अंदर की स्थिति का आकलन किया जाएगा।










