अमेठी: उत्तर प्रदेश सरकार की बहुप्रचारित स्मार्ट मीटर योजना अब लोगों के निशाने पर आ गई है। अमेठी जिले के तिलोई तहसील क्षेत्र अंतर्गत फुरसतगंज बाजार में स्थानीय उपभोक्ताओं ने इस व्यवस्था के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की है। आम जनता का कहना है कि “स्मार्ट मीटर” उनके लिए सुविधा नहीं, बल्कि जेब पर सीधा हमला बन चुका है।
हमारे संवाददाता ने जब प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ चल रहे विरोध को लेकर फुरसतगंज के लोगों से बात की, तो गुस्से से भरे उपभोक्ताओं ने साफ कहा कि यह योजना पूरी तरह से “छलावा” है। लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली बिलों में अचानक और बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम आदमी की कमर टूट रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिन घरों में अभी तक स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, वे लोग इसे लगवाने से साफ बच रहे हैं। वहीं जिन उपभोक्ताओं के यहां यह मीटर पहले ही लगा दिया गया है, वे अब पछता रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर नाराजगी जता रहे हैं।
एक उपभोक्ता ने आक्रोशित होकर कहा, “पहले जितना बिल आता था, अब उससे कई गुना ज्यादा आ रहा है। यह कोई स्मार्ट सुविधा नहीं, बल्कि सीधी लूट है।”
लोगों का यह भी आरोप है कि बिना पर्याप्त जागरूकता और पारदर्शिता के इस योजना को थोप दिया गया है। बिजली खपत का सही हिसाब समझ में नहीं आता और शिकायत करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
फुरसतगंज में बढ़ते विरोध के बीच अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। नाराज उपभोक्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगामी 2027 के चुनाव में इसका जवाब देंगे।
जनता का संदेश साफ है — “स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट समाधान चाहिए… वरना सत्ता को सबक सिखाया जाएगा।”










