Fake Apple Products Alert: आईफोन (iPhone) और ऐप्पल वॉच (Apple Watch) आज सिर्फ गैजेट नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल बन चुके हैं। बढ़ती डिमांड के साथ ही बाजार में नकली ऐप्पल प्रोडक्ट्स की भरमार भी तेजी से बढ़ी है। खासकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और अनऑथोराइज्ड सेलर्स के जरिए सस्ते दामों पर बेचे जा रहे प्रोडक्ट्स उपभोक्ताओं के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। कई बार दिखने में बिल्कुल असली लगने वाले ये डिवाइस इस्तेमाल के दौरान धोखा दे देते हैं। सवाल यह है कि खरीदने के बाद या खरीदते समय कैसे पहचाना जाए कि आपका ऐप्पल प्रोडक्ट असली है या नकली? कुछ आसान लेकिन बेहद जरूरी तरीकों को अपनाकर आप इस धोखाधड़ी से बच सकते हैं। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…
नकली ऐप्पल प्रोडक्ट्स की बढ़ती शिकायतें/Fake Apple Products Alert
पिछले कुछ वर्षों में भारत (India) में ऐप्पल (Apple) प्रोडक्ट्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। आईफोन, ऐप्पल वॉच और एयरपॉड्स जैसे डिवाइस की मांग बढ़ने के साथ ही नकली प्रोडक्ट्स का कारोबार भी फलने-फूलने लगा है। अनऑथोराइज्ड सेलर और अनजान ऑनलाइन विक्रेता अक्सर कम कीमत का लालच देकर ग्राहकों को फंसाते हैं। कई नकली डिवाइस बाहर से इतने असली लगते हैं कि आम यूजर फर्क नहीं कर पाता। लेकिन सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और सर्विस सपोर्ट के स्तर पर ये प्रोडक्ट्स कमजोर साबित होते हैं। यही वजह है कि ऐप्पल खुद भी ग्राहकों को अधिकृत स्टोर्स और ऑथराइज्ड रीसेलर्स से ही खरीदारी की सलाह देता है।

सीरियल नंबर और पेयरिंग से करें असली-नकली की पहचान
किसी भी ऐप्पल डिवाइस की असलियत जांचने का सबसे आसान तरीका उसका सीरियल नंबर है। इसके लिए सेटिंग्स (Settings) में जाकर जनरल (General) और फिर अबाउट (About) सेक्शन खोलें। यहां दिख रहे सीरियल नंबर को ऐप्पल के आधिकारिक कवरेज पेज पर डालें। अगर डिवाइस असली है, तो मॉडल नंबर, वारंटी और खरीद की जानकारी सामने आ जाएगी। वहीं, ऐप्पल वॉच (Apple Watch) की पहचान पेयरिंग से भी होती है। असली ऐप्पल वॉच केवल आईफोन पर वॉच ऐप (Watch App) के जरिए ही पेयर होती है। अगर कोई वॉच केवल ब्लूटूथ या थर्ड-पार्टी ऐप से कनेक्ट हो रही है, तो वह नकली हो सकती है।
चार्जर, केबल और एक्सेसरीज से भी खुलता है राज
ऐप्पल के असली चार्जर और केबल पर “Designed by Apple in California” लिखा होता है, साथ ही असेंबली लोकेशन और 12 अंकों का सीरियल नंबर भी मौजूद रहता है। असली केबल स्मूद, गोल और एकसार डिजाइन की होती है, जबकि नकली केबल अक्सर खुरदरी या जोड़ वाली दिखती है। चार्जिंग स्पीड और हीटिंग भी नकली एक्सेसरीज की पहचान का संकेत हो सकते हैं। ऐप्पल की असली एक्सेसरीज डिवाइस को सुरक्षित चार्ज करती हैं, जबकि नकली चार्जर बैटरी और फोन दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए केवल कीमत देखकर एक्सेसरीज खरीदना भविष्य में भारी पड़ सकता है।
खरीदते समय दिखें ये संकेत तो रहें सतर्क
अगर कोई सेलर आपको मार्केट से बेहद सस्ते दाम पर आईफोन (iPhone) या ऐप्पल वॉच (Apple Watch) देने का दावा करता है, तो सतर्क हो जाएं। खरीद से पहले डिवाइस चेक करने की अनुमति न मिलना भी खतरे का संकेत है। ऑथराइज्ड रीसेलर हमेशा बिल, वारंटी कार्ड, बॉक्स और जरूरी डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराते हैं। अगर कोई विक्रेता इनसे बचता है, तो समझ लेना चाहिए कि मामला संदिग्ध है। बेहतर यही है कि ऐप्पल प्रोडक्ट्स केवल आधिकारिक स्टोर या प्रमाणित विक्रेता से ही खरीदे जाएं, ताकि नकली प्रोडक्ट्स के जाल में फंसने से बचा जा सके।










