Foamy Urine Normal Or Serious: हर कोई कभी-न-कभी टॉयलेट में पेशाब करते समय झाग देखता है। कई बार यह बिल्कुल सामान्य होता है, लेकिन कभी-कभी यह शरीर में छिपी किसी समस्या का संकेत भी दे सकता है। आजकल लोग इस बारे में ज्यादा जागरूक हो रहे हैं क्योंकि यह किडनी से जुड़ी बीमारियों का शुरुआती लक्षण हो सकता है। आइए सरल भाषा में समझते हैं कि पेशाब में झाग क्यों आता है, कितना झाग ठीक माना जाता है और कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
पेशाब में झाग आना क्या होता है?
पेशाब (यूरिन) में झाग यानी छोटे-छोटे बुलबुले या फोम जैसी सफेद परत बनना। जब पेशाब टॉयलेट के पानी में गिरता है तो हवा के साथ मिलकर बुलबुले बन जाते हैं। अगर ये बुलबुले जल्दी गायब हो जाते हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन अगर झाग ज्यादा देर तक रहता है और सफेद-दूधिया जैसा दिखता है तो ध्यान देने की जरूरत है।

सामान्य कारण: ये वजहें हैं जिनसे झाग आना ठीक है
ज्यादातर मामलों में पेशाब में झाग आना कोई बड़ी समस्या नहीं होती। यहां कुछ आम वजहें हैं:
1. तेजी से या जोर से पेशाब करना
जब ब्लैडर बहुत भरा होता है और आप जोर से पेशाब करते हैं, तो यूरिन तेज बहाव से पानी में टकराता है। इससे बुलबुले बनते हैं, जैसे नल से तेज पानी गिरने पर फोम बनता है। ये बुलबुले कुछ सेकंड में गायब हो जाते हैं।
2. बॉडी में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
अगर आप कम पानी पीते हैं तो यूरिन गाढ़ा हो जाता है। गाढ़े यूरिन में ज्यादा नमक, यूरिया और अन्य चीजें होती हैं, जो झाग बना सकती हैं। सुबह का पहला पेशाब अक्सर गाढ़ा होता है, इसलिए उसमें झाग ज्यादा दिख सकता है।
3. टॉयलेट क्लीनर या साबुन
टॉयलेट में रखे क्लीनिंग केमिकल या साबुन के कारण भी झाग बन सकता है। ये केमिकल हवा के साथ मिलकर फोम बनाते हैं। अगर आप किसी साफ कंटेनर में पेशाब करके देखें तो झाग कम या नहीं दिखेगा।
इन मामलों में झाग कभी-कभी आता है और जल्दी चला जाता है। इसे सामान्य माना जाता है।
कब है चिंता की बात? असामान्य कारण
अगर झाग बार-बार आता है, बहुत ज्यादा होता है (जैसे बीयर या कोल्ड ड्रिंक का फोम), और फ्लश करने के बाद भी रह जाता है तो यह प्रोटीनुरिया (यूरिन में प्रोटीन आना) का संकेत हो सकता है।
किडनी का काम है खून से गंदगी छानना और प्रोटीन को शरीर में ही रखना। अगर किडनी खराब हो तो प्रोटीन यूरिन में निकल जाता है। प्रोटीन यूरिन में मिलकर झाग बनाता है।
अन्य गंभीर कारण:
- क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD)
- डायबिटीज (शुगर ज्यादा होने से किडनी प्रभावित होती है)
- हाई ब्लड प्रेशर
- ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस या नेफ्रोटिक सिंड्रोम जैसी किडनी बीमारियां
- कुछ दवाएं या संक्रमण (UTI)
कितना झाग सामान्य है और कितना नहीं?
- सामान्य: एक लेयर बुलबुले जो कुछ सेकंड में गायब हो जाएं। कभी-कभी दिखे, खासकर सुबह या कम पानी पीने पर।
- असामान्य: मोटा सफेद फोम जो कई मिनट तक रहता है, बार-बार हर बार पेशाब में दिखे, या यूरिन गाढ़ा और झागदार हो।
अगर झाग के साथ ये लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:
- पैरों, हाथों या चेहरे पर सूजन
- थकान बहुत ज्यादा
- भूख न लगना, उल्टी
- पेशाब कम या ज्यादा आना
- पेशाब में खून या जलन
क्या करें अगर झाग दिखे?
सबसे पहले कुछ आसान बदलाव आजमाएं:
- दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं
- ज्यादा प्रोटीन वाला खाना (जैसे ज्यादा मांस, दूध उत्पाद) कम करें अगर जरूरत हो
- नमक कम खाएं
- अगर 3-4 दिन तक झाग रहे तो यूरिन टेस्ट (यूरिनालिसिस) करवाएं। डॉक्टर प्रोटीन चेक करेंगे।
अगर प्रोटीन ज्यादा निकल रहा है तो डॉक्टर ब्लड प्रेशर की दवा, शुगर कंट्रोल या किडनी स्पेशलिस्ट से इलाज करवाएंगे। शुरुआत में पकड़ने पर किडनी बच सकती है।
निष्कर्ष
पेशाब में झाग ज्यादातर मामलों में सामान्य होता है, लेकिन अगर यह रोज हो रहा है तो इसे इग्नोर न करें। समय पर जांच से बड़ी बीमारियां रोकी जा सकती हैं। स्वस्थ रहने के लिए पानी ज्यादा पिएं, संतुलित खाना खाएं और नियमित चेकअप करवाएं। अपनी सेहत का ख्याल रखें, क्योंकि छोटा संकेत भी बड़ा इशारा दे सकता है!
Disclaimer- इस खबर को सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है, यहां पर दी गई जानकारी की News Nation Bharat पुष्टि नहीं करता है, इसलिए अधिक जानकारी पाने के लिए विशेषज्ञों और चिकित्सकों की सलाह जरूर लें।










