Global Airport Ranking 2025: आज के दौर में किसी भी देश की ताकत सिर्फ उसकी सेना या अर्थव्यवस्था से नहीं, बल्कि उसके इंफ्रास्ट्रक्चर से भी आंकी जाती है। हवाई अड्डे (Airports) किसी भी देश के विकास की रीढ़ होते हैं, जो व्यापार, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा हवाई अड्डे किस देश में हैं? और भारत (India) इस वैश्विक रैंकिंग में आखिर कहां खड़ा है? हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के टॉप-10 देशों की एयरपोर्ट लिस्ट जारी की है, जिसमें कुछ नाम चौंकाने वाले हैं। कहीं हजारों की संख्या में एयरपोर्ट हैं, तो कहीं सैकड़ों। तो चलिए आपको बताते हैं इस खास लिस्ट की पूरी तस्वीर…
अमेरिका की बादशाहत कायम/Global Airport Ranking 2025
दुनिया में सबसे ज्यादा हवाई अड्डों वाला देश अमेरिका (United States of America) पहले स्थान पर बना हुआ है। अमेरिका में कुल 15,873 हवाई अड्डे हैं, जो दुनिया के किसी भी देश से कई गुना ज्यादा हैं। इस विशाल नेटवर्क में सिर्फ बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि हजारों छोटे क्षेत्रीय और निजी हवाई अड्डे भी शामिल हैं। न्यूयॉर्क (New York), लॉस एंजेलिस (Los Angeles), शिकागो (Chicago) और अटलांटा (Atlanta) जैसे शहरों के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी दुनिया के लिए बड़े ट्रांजिट हब हैं। अमेरिका का यह नेटवर्क व्यापार, रक्षा, पर्यटन और आपात सेवाओं के लिए बेहद मजबूत आधार तैयार करता है। यही वजह है कि एयर कनेक्टिविटी के मामले में अमेरिका आज भी दुनिया का बादशाह माना जाता है।

ब्राजील से कनाडा तक ताकतवर मौजूदगी
दूसरे स्थान पर ब्राजील (Brazil) है, जहां 4,919 हवाई अड्डे मौजूद हैं। देश का विशाल आकार और सुदूर इलाकों को जोड़ने की जरूरत इसकी बड़ी वजह है। तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया (Australia) है, जिसके पास 2,180 एयरपोर्ट हैं। यहां छोटे क्षेत्रीय हवाई अड्डे पर्यटन और स्थानीय व्यापार की रीढ़ हैं। चौथे स्थान पर मेक्सिको (Mexico) है, जहां 1,485 हवाई अड्डे स्थित हैं। यह देश दुनिया के बड़े पर्यटन केंद्रों में से एक है। पांचवें नंबर पर कनाडा (Canada) है, जिसके पास 1,425 एयरपोर्ट्स का मजबूत नेटवर्क है, जो बर्फीले और दूरस्थ इलाकों को भी जोड़ता है।
UK, रूस और जर्मनी का दबदबा
छठे स्थान पर यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom – UK) है, जहां कुल 1,043 हवाई अड्डे हैं। हीथ्रो (Heathrow), गैटविक (Gatwick) और मैनचेस्टर (Manchester) जैसे एयरपोर्ट यूरोप की उड़ानों की रीढ़ माने जाते हैं। सातवें स्थान पर रूस (Russia) है, जहां 904 एयरपोर्ट हैं। मॉस्को (Moscow) से लेकर साइबेरिया (Siberia) तक फैले शहरों को ये एयरपोर्ट जोड़ते हैं। आठवें नंबर पर जर्मनी (Germany) है, जहां 838 हवाई अड्डे हैं। फ्रैंकफर्ट (Frankfurt) और म्यूनिख (Munich) यूरोप के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में गिने जाते हैं। नौवें स्थान पर अर्जेंटीना (Argentina) है, जहां 756 एयरपोर्ट्स मौजूद हैं।
10वां स्थान फ्रांस के नाम, भारत की स्थिति क्या कहती है?
दुनिया का दसवां सबसे ज्यादा हवाई अड्डों वाला देश फ्रांस (France) है, जहां कुल 689 एयरपोर्ट्स मौजूद हैं। पेरिस (Paris) का शार्ल द गॉल (Charles de Gaulle) एयरपोर्ट पूरी दुनिया के प्रमुख एयर हब्स में गिना जाता है। अब बात करें भारत (India) की, तो भारत इस टॉप-10 लिस्ट में शामिल नहीं है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ा है। UDAN योजना के तहत छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। आने वाले वर्षों में भारत का वैश्विक रैंक और मजबूत होने की पूरी संभावना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले दशक में भारत एयर कनेक्टिविटी के मामले में दुनिया के बड़े हब्स में शामिल हो सकता है।










