Indore News: इंदौर में त्योहारों से पहले पुलिस अलर्ट, शांति समिति की बैठक में जुलूस और डीजे को लेकर सख्त निर्देश

Indore में त्योहारों से पहले पुलिस अलर्ट, शांति समिति की बैठक में जुलूस और डीजे को लेकर सख्त निर्देश

Indore: इंदौर में आगामी त्योहारों और धार्मिक जुलूसों को लेकर पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। थाना आजाद नगर परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित कर आयोजकों, सामाजिक प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ जुलूसों की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मकसद त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को पहले ही रोकना रहा।

जुलूस के रूट और समय पर बनी सहमति

बैठक में जुलूसों के रूट, संख्या और समय को लेकर जरूरी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जुलूस निर्धारित और पारंपरिक मार्ग से ही निकाले जाएंगे। रास्ते में पड़ने वाले संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। आयोजकों से भी कहा गया कि वे पुलिस के साथ लगातार संपर्क में रहें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

झंडों में लोहे की रॉड से बचने की हिदायत

पुलिस ने जुलूसों में इस्तेमाल होने वाले झंडों को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि झंडों में लोहे की लंबी रॉड का इस्तेमाल न किया जाए। जुलूस के रास्ते में बिजली के तार होने के कारण ऐसी सामग्री दुर्घटना का कारण बन सकती है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों को वैकल्पिक और सुरक्षित व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए गए।

डीजे को लेकर नियमों का पालन जरूरी

त्योहारों के दौरान डीजे को लेकर पुलिस ने कई स्पष्ट निर्देश दिए। आपत्तिजनक या विवादित गीत बजाने पर रोक रहेगी। साथ ही डीजे वाहन पर किसी व्यक्ति के बैठकर चलने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने डीजे संचालक के नशे में वाहन चलाने को भी गंभीरता से लेने की बात कही है।

डीजे वाहनों को लेकर दो प्रमुख निर्देश:

  • वाहन का मैकेनिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए।
  • चालक को नशामुक्त और वाहन संचालन में पूरी तरह सक्षम होना जरूरी है।

हजारों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा पर जोर

जुलूसों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने वाहन की तकनीकी स्थिति पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों का कहना है कि हजारों लोगों की भीड़ के बीच यदि डीजे वाहन अचानक खराब होता है तो यातायात और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए पहले से फिटनेस जांच जरूरी बताई गई है।

संवेदनशील इलाकों में वालंटियर संभालेंगे मोर्चा

जुलूस के दौरान संवेदनशील स्थानों पर वालंटियर तैनात किए जाएंगे। इन वालंटियरों की जिम्मेदारी भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी समस्या की स्थिति में पुलिस को तत्काल जानकारी देने की होगी। पुलिस ने आयोजकों से वालंटियरों की टीम को सक्रिय रखने और पुलिसकर्मियों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा है।

असामाजिक तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस की ओर से लोगों से त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा कि वर्षों से चली आ रही परंपराओं का पालन करते हुए आयोजन किए जाएं। यदि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने या शांतिपूर्ण आयोजन में बाधा डालने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाने की अपील भी की गई।

नशा मुक्ति अभियान 2.0 से जागरूकता का संदेश

इसी बीच इंदौर पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ नशा मुक्ति अभियान 2.0 भी चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लोगों को ऑनलाइन और प्रत्यक्ष दोनों माध्यमों से जोड़ा गया है। पुलिस का जोर इस बात पर है कि नशे की आदत केवल व्यक्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर पड़ता है।

नशे से परिवार की आर्थिक स्थिति पर असर

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशे की लत के कारण व्यक्ति की सेहत बिगड़ने के साथ इलाज पर खर्च बढ़ता जाता है। आमदनी का बड़ा हिस्सा नशे और उपचार में खर्च होने से परिवार आर्थिक संकट में फंस सकता है। इसी वजह से अभियान के जरिए लोगों को नशे से दूरी बनाए रखने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया जा रहा है।

त्योहार और नशा मुक्ति अभियान साथ-साथ

इंदौर पुलिस की दोनों पहलों में एक समान संदेश दिखाई देता है—सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल। एक ओर पुलिस त्योहारों के दौरान जुलूसों और आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से नियमों का पालन करने और शहर में शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।

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