Iran Threatens Trump Assassination: hai ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में ईरान की सरकारी टीवी पर एक चौंकाने वाला ब्रॉडकास्ट दिखाया गया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे जान से मारने की धमकी दी गई। ब्रॉडकास्ट में 2024 में ट्रंप पर हुए असासिनेशन अटेम्प्ट की तस्वीर दिखाई गई, और साथ में लिखा था – “इस बार गोली निशाने से नहीं चूकेगी” या हिंदी में “इस बार गोली सिर के आर-पार होगी”। यह धमकी ऐसे समय आई है जब ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, और ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार जारी रहा तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा।
यह घटना 14 जनवरी 2026 को हुई, जब ईरानी स्टेट टीवी ने यह इमेज और मैसेज प्रसारित किया। दुनिया भर में इसकी निंदा हो रही है, और अमेरिका ने इसे गंभीरता से लिया है। आइए जानते हैं पूरी कहानी के बारे में, स्टेप बाय स्टेप।

ईरान में विरोध प्रदर्शन, तनाव की शुरुआत/Iran Threatens Trump Assassination
ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। ये प्रदर्शन सरकार की आर्थिक नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए हिंसा का सहारा ले रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य राइट्स ग्रुप्स का दावा है कि सरकार इंटरनेट ब्लैकआउट करके मौतों की सही संख्या छिपा रही है।
ये प्रदर्शन 9 जनवरी 2026 से शुरू हुए थे, जब ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट लगाया गया। इससे पहले, ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था और कहा था कि “ईरान में मदद पहुंच रही है।
ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को मारना जारी रखेगा तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा, जिसमें मिलिटरी स्ट्राइक भी शामिल हो सकता है। ईरान ने इसे अमेरिका की दखलंदाजी बताया और ट्रंप को “राजनीतिक अस्थिरता फैलाने” का आरोपी ठहराया।
ट्रंप की चेतावनी और अमेरिका का स्टैंड
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनों पर कई बार टिप्पणी की है। 12 जनवरी 2026 को उन्होंने कहा कि अगर ईरान में हत्याएं जारी रहीं तो अमेरिका मिलिटरी एक्शन ले सकता है। व्हाइट हाउस ने कहा कि “सभी विकल्प टेबल पर हैं। लेकिन 14 जनवरी को ट्रंप ने थोड़ा नरम रुख अपनाया और कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि “ईरान में हत्याएं रुक गई हैं” और एग्जीक्यूशन नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका “देखेगा और इंतजार करेगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने एक बेस से फोर्सेस को इवैक्यूएट कर लिया है। एनबीसी न्यूज के मुताबिक, ईरान की धमकियों के बाद अमेरिका ने कतर या अन्य जगहों पर स्थित बेस से सैनिकों को हटाया है। ट्रंप ने पहले भी ईरान पर आरोप लगाया था कि 2024 में उनके ऊपर असासिनेशन अटेम्प्ट के पीछे ईरान का हाथ था।
ईरान का जवाब, ट्रंप को सीधी धमकी
ईरान ने ट्रंप की चेतावनी का जवाब देने में देर नहीं की। 14 जनवरी को ईरानी स्टेट टीवी पर एक ब्रॉडकास्ट दिखाया गया, जिसमें ट्रंप की 2024 की रैली की तस्वीर थी – जहां पेंसिल्वेनिया के बटलर में उन पर गोली चलाई गई थी और गोली उनके कान को छूकर निकल गई थी। इमेज के साथ कैप्शन था: “इस बार यह निशाने से नहीं चूकेगा। यह धमकी ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह खामेनेई से जुड़ी बताई जा रही है, हालांकि ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं है।
ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि अगर अमेरिका ईरान में दखल देगा तो अमेरिकी बेस टारगेट किए जाएंगे। यह धमकी दुनिया भर में वायरल हो गई है। यूट्यूब पर कई वीडियोज में इसे “चिलिंग थ्रेट” बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं, दुनिया क्या कह रही है?
इस धमकी पर दुनिया भर से रिएक्शन आ रहे हैं। अमेरिका ने इसे “अस्वीकार्य” बताया है और कहा कि ईरान की हरकतें “आतंकवाद को बढ़ावा दे रही हैं”। व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप की सुरक्षा बढ़ाई गई है।<
ईरान के अंदर भी प्रदर्शनकारी ट्रंप के समर्थन को देखते हुए उत्साहित हैं, लेकिन सरकार इसे विदेशी साजिश बता रही है। अल जजीरा की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ट्रंप का रुख अब थोड़ा नरम हो गया है, शायद मिलिटरी एक्शन से बचने के लिए।
क्या हो सकते हैं नतीजे?
यह तनाव अगर बढ़ा तो मिडिल ईस्ट में बड़ा संकट आ सकता है। अमेरिका अगर मिलिटरी स्ट्राइक करता है तो ईरान जवाबी हमले कर सकता है, जैसे अमेरिकी बेस पर। पहले भी 2020 में सुलेमानी की मौत के बाद ऐसा हुआ था। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ट्रंप चुनावी साल में हैं, इसलिए वे सख्ती दिखा रहे हैं, लेकिन पूरा युद्ध नहीं चाहते।










