उत्तर प्रदेश मेँ होने वाले पंचायत चुनाव से पहले अब कई दलों ने अपनी कमर कस ली है। इसी क़ो देखते हुए कानपुर देहात जिला पहले जनसत्ता दल लोकतान्त्रिक पार्टी के पूर्व सांसद अक्षय प्रताप सिंह जहाँ उन्होंने एक समीक्षा बैठक अपने कार्यकर्ताओ के साथ की। वही मौके पर सैकड़ो कि संख्या मेँ कार्यकर्ता मौज़ूद रहे। इस दौरान उन्होंने होने वाले पंचायत चुनाव क़ो लेकर जिलाध्यक्ष पर जिम्मेदारी सौपी। वही मिडिया से बात करते हुए पूर्व सांसद अक्षय प्रताप सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि किस पार्टी के समर्थन के साथ हम चुनाव नहीं लड़ेंगे न ही बीजेपी के साथ इस बार जनता दल अकेले ही पंचायत चुनाव लड़ेगी। स्तिथिया और परिस्थितिया देख कर मिलकर चुनाव लड़ते है। हम लोग कोई विकलांग नहीं पैदा हुए है जितनी भी पार्टियां 20 सालो से है बिना गठबंधन के विधानसभा नहीं पहुंच पाई…एक मेरी ही पार्टी है, जो बिना गठबंधन के विधानसभा मेँ पहुँचती है…भाजपा कांग्रेस बसपा सपा क़ो छोड़कर के सब गठबंधन के साथ विधानसभा मेँ पहुचे है…पिछली विधानसभा चुनाव मेँ हमने बिना गठबंधन के चुनाव लड़ा और 19 सीटों पर चुनाव लड़ा और दो सीटों पर जीत हाशिल की।
सपा नेता और सपा प्रत्याशी रहे गुलशन यादव पर एक लाख का इनाम घोषित होने पर पूछे गए सबाल पर जनसत्ता दल लोकतान्त्रिक पार्टी के पूर्व सांसद अक्षय प्रताप सिंह ने बयान देते हुए कहा कि हम सरकार मेँ तो है नहीं और उन पर जो मुकदमे है वह बसपा समाजवादी कि सरकार के समय के है और 53 मुकदमे है और कार्यवाही तो पार्टी क़ो करनी चाहिए पार्टी तो पार्टी तो जातवाद मेँ फ़सी हुई है जातिवाद मेँ फ़सी हुई है एक लाख का इनामी पुरे इतिहास मेँ जिलाध्यक्ष कभी रहा है गलत है सही है कोर्ट तय करेगी लेकिन इनको तो कार्यवाही कर देती चाहिए यह कोर्ट थोड़ी न हो जाएगे।

राजा भईया पर आरोप लगा CO हत्याकांड का राजा भईया ने तुरंत विधानसभा से इस्तीफा दिया CBI कि मांग कि ये भी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे CBI कि मांग करे हम पर भी आरोप लगा हम भी समाजवादी पार्टी मेँ थे हमने भी इस्तीफा दिया मेने खुद जाँच कि मांग कि हम नहीं उनपर कोई कार्यवाही करा रहे है न ही हम सरकार मेँ है।










