Kolkata Janmashtami Mahotsav: कृष्ण चेतना को विश्व चेतना का संदेश, प्रवासी ओड़िया समाज ने धूमधाम से मनाया जन्माष्टमी महोत्सव

बाघाजतिन पल्ली के सचिमाटा हॉल में जुटा ओड़िया समाज, उत्कल यादव समाज कल्याण समिति ने पांचवें वर्ष आयोजित किया भव्य कार्यक्रम

Kolkata Janmashtami Mahotsav: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी को लेकर कोलकाता में प्रवासी ओड़िया समाज ने श्रद्धा और उल्लास के साथ जन्माष्टमी महोत्सव मनाया। बाघाजतिन पल्ली स्थित सचिमाटा हॉल में उत्कल यादव समाज कल्याण समिति की ओर से आयोजित यह पांचवां जन्माष्टमी समारोह रहा। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला।

‘कृष्ण चेतना ही विश्व चेतना’, बोले समाजसेवी धनेश्वर जेना

समारोह का औपचारिक उद्घाटन प्रमुख समाजसेवी धनेश्वर जेना ने किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश को किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं बताया। उनके अनुसार, कृष्ण का चरित्र मानव जीवन को सही दिशा देने वाला है। जब समाज में अधर्म और अनैतिकता का प्रभाव बढ़ता है, तब धर्म की पुनर्स्थापना के लिए भगवान का अवतार होता है। उन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर कंस वध तक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए आयोजन की सराहना की।

भगवान कृष्ण को बताया मानवता के आदर्श का प्रतीक

समारोह में सम्मानित अतिथि पद्माकर गुरु ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने भगवान कृष्ण को मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि समाज और व्यक्ति दोनों के लिए मार्गदर्शन है। मुख्य वक्ता यशवंत दास ने ओड़िया समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समृद्ध बताते हुए प्रवासी समाज में ऐसे आयोजनों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

जन्माष्टमी आयोजन में दिखी धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता

समिति अध्यक्ष अरुण कुमार पालाई की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में महासचिव प्रशांत कुमार दास ने कहा कि जन्माष्टमी का यह आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि समिति का प्रयास प्रवासी समुदाय के लोगों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करना है।

कार्यक्रम की शुरुआत शाम पांच बजे हुई। इसके बाद शाम सात बजे गोपालों ने संध्या वंदना की। अस्थायी वेदी पर भगवान नंदलाल की विधिवत पूजा-अर्चना कर जन्माष्टमी की धार्मिक परंपराओं को पूरा किया गया।

कलाकार तुषार कांत बेहेरा को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान थिएटर निर्देशक तुषार कांत बेहेरा को उनके कला क्षेत्र में योगदान के लिए ‘कलाकार पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। समिति की ओर से कहा गया कि कला और संस्कृति समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

भजन संध्या में कलाकारों ने बांधा समां

जन्माष्टमी समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा भजन संध्या रही। एम म्यूजिकल ट्रूप के कलाकारों डेज़ी स्वैन, मानस रंजन दास, अन्नपूर्णा दास और मेघना ने भजनों की प्रस्तुति दी। कृष्ण भक्ति से जुड़े गीतों ने कार्यक्रम स्थल को भक्तिमय बना दिया और उपस्थित लोगों ने संगीत का आनंद लिया।

प्रवासी समाज को जोड़ना समिति का मुख्य उद्देश्य

स्वागत भाषण में समिति के संपादक और महासचिव प्रशांत कुमार दास ने संगठन के उद्देश्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि समिति प्रवासी समाज में आपसी भाईचारा बढ़ाने, गोपाल बंधुओं को संगठित करने तथा जाति और भाषा से जुड़े सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

समारोह में शरत चंद्र बारिक, सरोज बेहेरा, ध्रुव चरण परिडा, सन्यासी बेहेरा, गोकुला नंदा पलइ, बेनुधर बेहेरा, प्रशांत नायक, मिहिर कुमार दास, दीपत रंजन दास, निशिकांत नायक, विश्वजीत दास, कैलाश चंद्र दास, रमेश चंद्र महाकुला, सुबाष चंद्र साहू, आलोक बारिक, आनंद चंद्र बारिक, गीतांजलि बेहेरा, अरुणा रानी पल्लई, लिजा पल्लई, मीनाक्षी बेहेरा, मनीषा बेहेरा, प्रतीना बेहेरा, फनाली बेहेरा, सिमल महाकुला और रंजीत दास समेत कई लोगों ने पूजा-अर्चना और आयोजन की व्यवस्थाओं में योगदान दिया।

आस्था के साथ संस्कृति और भाईचारे का संदेश

उत्कल यादव समाज कल्याण समिति का यह आयोजन सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। जन्माष्टमी के बहाने प्रवासी ओड़िया समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान, आपसी संबंधों और सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करने का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, संगीत और सामाजिक सहभागिता का संगम देखने को मिला।

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