Mgnrega Workers : मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश की महराजगंज शाखा के कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी वर्षा सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने जुलाई 2025 से मानदेय और ईपीएफ का भुगतान न होने का आरोप लगाते हुए तत्काल बकाया राशि जारी करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि जनपद में कार्यरत मनरेगा कर्मियों ने विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए लक्ष्य पूर्ति में पूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विभागीय कार्यों के अतिरिक्त एसआईआर सर्वे जैसे अन्य कार्यों में भी सहयोग किया है। हालांकि, विभागीय शिथिलता के कारण उन्हें जुलाई 2025 से मानदेय नहीं मिला है और ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित है।

त्योहारों पर भी नहीं मिला वेतन
कर्मचारियों ने बताया कि दीपावली और होली जैसे त्योहारों पर भी उन्हें वेतन नहीं मिल पाया, जिससे उनकी पारिवारिक जिम्मेदारियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गंभीर आर्थिक संकट के कारण वे विभागीय दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे हैं।
संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि मानदेय न मिलने के कारण उत्तर प्रदेश के मनरेगा कार्मिकों द्वारा आत्महत्या किए जाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने इस स्थिति को अत्यंत संवेदनशील और संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित जीवन के अधिकार के पूर्णतः विपरीत बताया।
इस संबंध में, संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 23 फरवरी 2026 को आयुक्त रोजगार गारंटी आयुक्त, ग्राम विकास, उत्तर प्रदेश से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया था।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश द्वारा 12 राज्यों में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित करने पर प्रशंसा की थी।
कर्मचारियों का तर्क है कि सर्वाधिक मानव दिवस सृजित होने पर प्रशासनिक मद का सृजन भी अधिक हुआ होगा। इसके बावजूद कर्मचारियों को मानदेय और ईपीएफ की देयता का भुगतान न होना वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये कर्मचारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एपीओ राजीव त्यागी, शोभित प्रकाश सिन्हा, अविनाश चंद्र मिश्र, सुरेश कुमार, पूनम यादव, नन्हेंलाल सहित अन्य मनरेगा कर्मी मौजूद रहे।










