Baba Rice Mill Raid : आज सुबह झारखंड की राजधानी रांची में आयकर विभाग ने एक बड़ी और सुनियोजित छापेमारी की कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर केंद्रित है। विभाग की कई टीमें एक साथ अलग-अलग जगहों पर पहुंचीं और दस्तावेजों, कैश ट्रांजेक्शन तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी। यह 2026 की पहली बड़ी आयकर छापेमारी मानी जा रही है, जिसने स्थानीय कारोबारी जगत में खलबली मचा दी है।
छापेमारी कहां-कहां हुई?

आयकर विभाग की टीमें रांची के कई प्रमुख इलाकों में एक साथ सक्रिय हुईं। सूत्रों के मुताबिक, रातू रोड पर स्थित बाबा राइस मिल के मुख्य परिसर में सबसे पहले दबिश दी गई। इसके अलावा कांके रोड, पिस्का नगड़ी, हरमू, बरियातू रोड और अन्य जगहों पर भी टीमें पहुंचीं। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि लाविस्टा अपार्टमेंट (बरियातू रोड के पास) के फ्लैट नंबर 101 और 201 में भी सुबह 6 बजे से ही जांच चल रही है।
यह कार्रवाई केवल रांची तक सीमित नहीं रही। झारखंड के अन्य जिलों जैसे जमशेदपुर और हजारीबाग में भी बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापे मारे गए। पड़ोसी राज्य बिहार में भी कुछ जगहों पर जांच की सूचना है, जहां चावल के व्यापार से जुड़े अन्य कारोबारियों के ठिकाने शामिल हैं। कुल मिलाकर 15 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ यह अभियान चलाया गया, जो आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा द्वारा समन्वित तरीके से किया गया।
कार्रवाई का कारण क्या है?
आयकर विभाग ने यह छापेमारी संभावित टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर की है। विभाग को सूचना मिली थी कि बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े कारोबारी अपनी असली कमाई छिपा रहे हैं, कैश में बड़े लेन-देन कर रहे हैं और आयकर रिटर्न में गलत जानकारी दे रहे हैं। टीमों का मुख्य फोकस इन बातों पर है:
- मिल के दैनिक संचालन और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड
- कैश ट्रांजेक्शन की पूरी डिटेल
- बैंक खातों, बिल बुक, इनवॉइस और अन्य वित्तीय दस्तावेज
- छिपी हुई संपत्ति या अनदेखी आय के सबूत
अधिकारी सभी कागजातों को जब्त कर जांच कर रहे हैं। अगर कोई बड़ा खुलासा होता है तो इसमें जुर्माना, ब्याज के साथ टैक्स वसूली और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जा सकती है।
कारोबारियों में क्यों मचा हड़कंप?
बाबा राइस मिल झारखंड के चावल व्यापार में काफी जाना-माना नाम है। यह ग्रुप लंबे समय से राइस मिलिंग, चावल की खरीद-बिक्री और संबंधित कारोबार में सक्रिय है। ऐसे में अचानक इतनी बड़ी छापेमारी से इलाके के अन्य व्यापारियों में भी डर का माहौल बन गया है। कई लोग कह रहे हैं कि यह कार्रवाई सिर्फ एक ग्रुप तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अन्य बड़े कारोबारियों पर भी नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह-सुबह आयकर की गाड़ियां और अधिकारी देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मिल के कर्मचारी और मालिक पक्ष के लोग भी जांच में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन घंटों तक दस्तावेजों की तलाशी चल रही है।
आयकर विभाग की ऐसी कार्रवाइयां क्यों बढ़ रही हैं?
पिछले कुछ सालों में आयकर विभाग ने टैक्स चोरी रोकने के लिए कई बड़े अभियान चलाए हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने और सूचनाओं के आदान-प्रदान से छिपी कमाई का पता लगाना आसान हो गया है। इस बार की छापेमारी भी शिकायतों और खुफिया जानकारी पर आधारित बताई जा रही है। विभाग का मकसद है कि सभी कारोबारी सही टैक्स चुकाएं और अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता आए।
निष्कर्ष
जांच अभी जारी है और इसमें कई दिन लग सकते हैं। अगर कोई बड़ा खुलासा हुआ तो बाबा राइस मिल ग्रुप पर भारी जुर्माना लग सकता है। साथ ही, इससे जुड़े अन्य कारोबारियों पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल रांची और आसपास के इलाकों में इस खबर की चर्चा जोरों पर है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि जांच से क्या-क्या सामने आता है।










