Ramgarh: रामगढ़ में खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्र सरकार के प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में रामगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी का चरणबद्ध आंदोलन जारी है। इसी क्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि खनिज संसाधनों से समृद्ध झारखंड के अधिकारों और आर्थिक हितों को किसी भी बदलाव से नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
कुमार गौरव ने उठाया राज्य के अधिकारों का सवाल

प्रेस वार्ता को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता और युवा आयोग के अध्यक्ष कुमार गौरव ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी खनिज संपदा से जुड़ी हुई है। ऐसे में खनन से जुड़े कानूनों में संशोधन करते समय राज्य के अधिकार, स्थानीय लोगों के हित और संवैधानिक प्रावधानों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उनका कहना था कि खनिज संसाधनों से जुड़े फैसलों का असर केवल सरकारी राजस्व तक सीमित नहीं रहता, बल्कि रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आबादी की आजीविका पर भी पड़ता है। इसलिए किसी भी नीति को लागू करने से पहले उसके व्यापक प्रभाव का आकलन जरूरी है।
जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा पर जोर
कांग्रेस नेताओं ने खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का कहना है कि झारखंड में खनिज दोहन के साथ जल, जंगल और जमीन से जुड़े लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
कुमार गौरव ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक संपदा से जुड़े फैसलों में स्थानीय समुदाय की चिंताओं को भी जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने रोजगार और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
सेस को लेकर वित्तीय दबाव की आशंका
प्रेस वार्ता में प्रस्तावित सेस को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जताई। पार्टी नेताओं के मुताबिक, यदि नए प्रावधानों से राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है तो इसका असर आम लोगों से जुड़ी योजनाओं पर दिखाई दे सकता है।
मंईयां सम्मान योजना और पेंशन का भी मुद्दा
कुमार गौरव ने कहा कि राज्य के राजस्व में संभावित कमी का असर गरीबों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए चल रही योजनाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने मंईयां सम्मान योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर होने का सीधा प्रभाव जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर पड़ने की आशंका है।
राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान राजनीतिक चंदे और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। रामगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष और विधायक ममता देवी ने कहा कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगी और प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
जिला से प्रदेश स्तर तक आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया कि यह आंदोलन केवल प्रेस वार्ता तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यक्रम के अनुसार जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि झारखंड के अधिकारों और जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर वह लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि प्रस्तावित बदलावों से झारखंड के राजस्व और वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, तो उसका असर अंततः जनता पर ही आएगा। इसलिए पार्टी राज्य के हितों और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और तेज करेगी।










