Netaji Subhas Chandra Bose 129th Birth Anniversary: 23 जनवरी 2026 को पूरे देश में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जन्म जयंती बड़े ही उत्साह और सम्मान के साथ मनाई गई। इसे पराक्रम दिवस के नाम से भी जाना जाता है। इस खास दिन पर झारखंड के बोकारो जिले में बोकारो थर्मल स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में एक यादगार कार्यक्रम हुआ। इस आयोजन का श्रेय झारखंड बंगाली एसोसिएशन को जाता है, जिसने नेताजी को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा पार्क सजाया और भावुक माहौल बनाया।
नेताजी का जीवन, देशभक्ति का प्रतीक/Netaji Subhas Chandra Bose 129th Birth Anniversary
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे साहसी और प्रेरणादायक नेताओं में से एक थे। “दिल्ली चलो”, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” जैसे उनके नारे आज भी हर भारतीय के दिल में गूंजते हैं। नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र क्रांति की। उनकी बहादुरी और देश के प्रति समर्पण की वजह से उन्हें “नेताजी” कहा जाता है। उनकी जयंती पर लोग न सिर्फ श्रद्धांजलि देते हैं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प भी लेते हैं।

बोकारो थर्मल में शुरू हुआ खास कार्यक्रम
बोकारो थर्मल के नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में सुबह से ही तैयारी शुरू हो गई थी। झारखंड बंगाली एसोसिएशन के सदस्यों ने पार्क को फूलों, झंडियों और नेताजी के पोस्टरों से सजाया। मुख्य अतिथि के तौर पर डीवीसी एचआर के प्रबंधक सुनील कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए। सबसे पहले नेताजी की प्रतिमा पर अगरबत्ती जलाकर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखा और नेताजी के जीवन पर कुछ शब्द भी साझा किए।
झंडोतोलन और भावुक पल
कार्यक्रम का एक सबसे खास पल था झारखंड बंगाली एसोसिएशन का झंडा फहराना। झंडोतोलन के दौरान “नेताजी अमर रहे”, “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम” जैसे नारे गूंजे। पूरा पार्क देशभक्ति के जोश से भर गया था। यह पल न सिर्फ एसोसिएशन के सदस्यों के लिए, बल्कि वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए बहुत भावुक था।
मौजूद रहे प्रमुख लोग
इस मौके पर झारखंड बंगाली एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और सम्मानित सदस्य मौजूद थे। इनमें शामिल थे:
- सुजीत कुमार घोष
- प्रान गोपाल सेन
- अरघा वासु
- रंजित मंडल
- बद्रीनाथ गुह
इसके अलावा सनातन रक्षा संघ के भूपेन भारत, राजेश कुमार, पवन वनारजो और डॉ. विद्युत विश्वास भी कार्यक्रम में शामिल हुए। स्थानीय लोग और एसोसिएशन के अन्य सदस्यों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने मिलकर नेताजी को याद किया और उनके संघर्ष को सलाम किया।
मुख्य अतिथि का संदेश
मुख्य अतिथि सुनील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी जैसे महान व्यक्तित्व आज भी हमें प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि नेताजी के आदर्शों को अपनाएं और देश की सेवा में अपना योगदान दें। झारखंड बंगाली एसोसिएशन के सदस्यों ने भी बताया कि बंगाली समुदाय हमेशा से नेताजी का बहुत सम्मान करता है, क्योंकि वे खुद बंगाल से थे और उनकी सोच ने पूरे देश को प्रभावित किया।
पार्क का महत्व और स्थानीय माहौल
बोकारो थर्मल इलाका कोयला और बिजली उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहां डीवीसी का थर्मल प्लांट स्थित है। ऐसे में नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क लोगों के लिए सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने और परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा स्थान है। जयंती के दिन यहां का माहौल पूरी तरह अलग था। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सब नेताजी की प्रतिमा के सामने खड़े होकर उन्हें नमन कर रहे थे।
नेताजी के विचार आज भी प्रासंगिक
यह कार्यक्रम सिर्फ जयंती मनाने तक सीमित नहीं रहा। यहां लोगों ने नेताजी के जीवन से सीख ली और प्रेरणा प्राप्त की। नेताजी ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा था कि आजादी भिक्षा से नहीं मिलती, छीनकर लेनी पड़ती है। आज के समय में भी उनकी यह बात हमें आगे बढ़ने की हिम्मत देती है। बोकारो थर्मल जैसे छोटे इलाके में भी इतने जोश से कार्यक्रम होना देश की एकता और देशभक्ति का जीता-जागता प्रमाण है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
झारखंड बंगाली एसोसिएशन ने इस आयोजन से न सिर्फ नेताजी को याद किया, बल्कि स्थानीय लोगों में भी देशभक्ति का जोश भरा। ऐसे कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को पता चलता है कि स्वतंत्रता कितने बलिदान और संघर्ष के बाद मिली। बोकारो थर्मल के इस पार्क में हर साल ऐसी ही श्रद्धांजलि दी जाती रहेगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी नेताजी के बारे में जान सकें और उनके रास्ते पर चल सकें।










