BRICS NSA Meeting 2026: PM Modi ने की BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों से मुलाकात, आतंकवाद और साइबर सुरक्षा पर हुई चर्चा

BRICS NSA Meeting 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका और अन्य सदस्य देशों) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के बाद अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट @narendramodi पर इस बैठक की जानकारी साझा की और BRICS की भूमिका को लेकर भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में BRICS की सुरक्षा सहयोग को गहरा करने और साझा चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों को प्रमुख साझा चुनौतियों के रूप में रेखांकित किया।

आज के दौर में जब दुनिया नई तरह की सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है — चाहे वह सीमापार आतंकवाद हो, साइबर हमले हों या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती तकनीकों का दुरुपयोग हो — ऐसे में BRICS देशों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। इस बैठक ने इसी दिशा में एक ठोस कदम उठाया है।

वर्ष 2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और @BricsIndia2026 के बैनर तले कई महत्वपूर्ण बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की अध्यक्षता तीन प्रमुख उद्देश्यों पर केंद्रित रहेगी:

  • व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना — सदस्य देशों के बीच ठोस और जमीनी स्तर पर काम आने वाले सहयोग को प्रोत्साहित करना।
  • ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं का समर्थन करना — विकासशील देशों की जरूरतों और हितों को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से उठाना।
  • सुरक्षित, संरक्षित और समावेशी विश्व का निर्माण — एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बनाना जो सभी के लिए न्यायसंगत और सुरक्षित हो।

इस उच्चस्तरीय बैठक में BRICS के सभी प्रमुख सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए। बैठक में जारी तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ खड़े नजर आए, जो इस बैठक के उच्च कूटनीतिक महत्व को दर्शाता है। यह बैठक BRICS के विस्तारित स्वरूप में सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में आतंकवाद और साइबर सुरक्षा को सबसे प्रमुख साझा चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया गया। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख की वकालत करता रहा है और BRICS के माध्यम से इस मुद्दे पर बहुपक्षीय सहमति बनाने की कोशिश जारी है।

साइबर सुरक्षा के मामले में भी BRICS देशों के बीच सूचना साझाकरण और संयुक्त तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया। डिजिटल युग में साइबर हमले किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं, इसलिए इस क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत अपनी BRICS अध्यक्षता के दौरान विकासशील देशों यानी ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च स्थान देगा। जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दे ग्लोबल साउथ के लिए सबसे अहम हैं और भारत इन्हें BRICS के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

BRICS अब केवल पाँच देशों का समूह नहीं रहा — इसका विस्तार हो चुका है और अब यह वैश्विक स्तर पर एक प्रभावशाली बहुपक्षीय मंच बन चुका है। भारत की अध्यक्षता में इस समूह को और अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। NSA स्तर की यह बैठक इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण पहल है। BRICS अब केवल पाँच देशों का समूह नहीं रहा — इसका विस्तार हो चुका है और अब यह वैश्विक स्तर पर एक प्रभावशाली बहुपक्षीय मंच बन चुका है। भारत की अध्यक्षता में इस समूह को और अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। NSA स्तर की यह बैठक इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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