रायबरेली रेलकोच कारखाना (Raebareli Rail Coach Factory) मारपीट मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। रायबरेली के लालगंज स्थित आधुनिक रेलकोच कारखाने में एक वरिष्ठ अधिकारी पर अपने ही जूनियर कर्मचारी के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और कारखाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला रेलकोच कारखाने के इलेक्ट्रिकल वंदे भारत विभाग का बताया जा रहा है। आरोप है कि विभाग में तैनात सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुभाषचंद्र और कर्मचारी कृष्ण कुमार के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और वरिष्ठ अधिकारी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी के साथ हाथापाई शुरू कर दी।

सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर लगे गंभीर आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों और कर्मचारियों के मुताबिक, विवाद के दौरान सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने पहले कृष्ण कुमार के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद उन्होंने कर्मचारी को कई थप्पड़ जड़ दिए। आरोप यह भी है कि अधिकारी ने बेल्ट निकालकर कर्मचारी को मारने की कोशिश की।
इस अप्रत्याशित घटना से वहां मौजूद कर्मचारी भी स्तब्ध रह गए। कुछ कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। हालांकि तब तक पीड़ित कर्मचारी को चोटें आ चुकी थीं।
घायल कर्मचारी का अस्पताल में कराया गया इलाज
मारपीट के बाद सहकर्मियों ने घायल कर्मचारी कृष्ण कुमार को तत्काल विभागीय अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों द्वारा उनका प्राथमिक उपचार किया गया। बताया जा रहा है कि घटना के बाद कर्मचारी मानसिक रूप से भी काफी आहत है।
इस घटना ने कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि एक वरिष्ठ अधिकारी ही अपने पद का दुरुपयोग करते हुए हाथापाई पर उतर आए, तो सामान्य कर्मचारी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा।
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान मौजूद किसी कर्मचारी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद रेलकोच कारखाने के भीतर हड़कंप मच गया। कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई कर्मचारी इसे कार्यस्थल की गरिमा के खिलाफ बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कुछ कर्मचारियों का दावा है कि संबंधित अधिकारी का व्यवहार पहले भी काफी सख्त और दबंग किस्म का रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इस बार वीडियो वायरल होने के कारण मामला दबना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
माफी मांगने की भी रही है चर्चा
कारखाने के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि मामला तूल पकड़ने के बाद संबंधित अधिकारी ने पीड़ित कर्मचारी से माफी मांगने की कोशिश की। हालांकि तब तक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था और कर्मचारियों में नाराजगी खुलकर सामने आने लगी थी।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि मारपीट की घटना हुई है तो केवल माफी मांग लेने से मामला समाप्त नहीं होना चाहिए। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
कर्मचारी संगठनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि रेलकोच कारखाना जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान में अनुशासन, सम्मान और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
संगठनों का कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारी ही मर्यादाओं का उल्लंघन करेंगे तो इसका गलत संदेश जाएगा और कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल रेलकोच कारखाने में यह मामला चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो के बाद अब यह केवल दो कर्मचारियों के बीच का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि कार्यस्थल पर व्यवहार, अधिकारों के दुरुपयोग और कर्मचारियों की गरिमा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।
कारखाना प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इसे सामान्य विवाद मानकर टाल देता है या फिर आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कर सख्त कदम उठाता है।
घटना से उठे अहम सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े कर दिए हैं—
- क्या सरकारी संस्थानों में जूनियर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है?
- क्या अधिकारियों के व्यवहार की निगरानी के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया गया है?
- क्या वायरल वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच संभव हो पाएगी?
- क्या कर्मचारी संगठनों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा?
रायबरेली के लालगंज स्थित रेलकोच कारखाने की यह घटना अब महज एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गई है। यह मामला सरकारी संस्थानों में कार्यस्थल की गरिमा, जवाबदेही और कर्मचारियों के सम्मान को लेकर एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच के बाद सच सामने आता है और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।










