PM Modi Inaugurated Prerna Sthal In Lucknow: लखनऊ में पीएम मोदी ने किया ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन, राष्ट्र निर्माण को समर्पित भव्य स्मारक

PM Modi Inaugurated Prerna Sthal In Lucknow: पीएम मोदी ने लखनऊ को दी राष्ट्रीय धरोहर, खुला ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’

PM Modi Inaugurated Prerna Sthal In Lucknow: आज देश भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की 101वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर को ऐतिहासिक बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन किया। यह स्मारक केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति, विचारधारा और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को सहेजने का प्रयास माना जा रहा है। 65 एकड़ में फैले इस परिसर में भाजपा के वैचारिक स्तंभों—डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी—की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। कार्यक्रम में भारी जनसमूह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच लखनऊ एक नए अध्याय का साक्षी बना….

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती और आयोजन/PM Modi Inaugurated Prerna Sthal In Lucknow

25 दिसंबर का दिन भारतीय राजनीति के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का जन्म हुआ था। आज उनकी 101वीं जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली (Delhi) में ‘सदैव अटल’ स्मारक पर प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें नमन किया। वहीं, लखनऊ (Lucknow) में इस दिन को ऐतिहासिक बनाने के लिए ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी न केवल कुशल प्रशासक थे, बल्कि कवि, वक्ता और सर्वमान्य नेता के रूप में भी जाने जाते थे। उनकी जयंती पर यह आयोजन उनके विचारों- राष्ट्रवाद, लोकतंत्र और समावेशी विकास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन और मुख्य आकर्षण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दोपहर करीब 2:30 बजे लखनऊ (Lucknow) में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का औपचारिक उद्घाटन किया। यह परिसर करीब 65 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसे लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Dr. Shyama Prasad Mukherjee), पंडित दीनदयाल उपाध्याय (Pandit Deendayal Upadhyaya) और अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ये प्रतिमाएं भारत के राजनीतिक चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का प्रतीक हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

संग्रहालय, संरचना और वैचारिक संदेश

‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ की सबसे खास विशेषताओं में से एक कमल के आकार में निर्मित अत्याधुनिक संग्रहालय है। यह संग्रहालय लगभग 98,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां इन तीनों नेताओं के जीवन, संघर्ष और विचारधाराओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। डिजिटल गैलरी, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां और ऐतिहासिक दस्तावेजों के जरिए आगंतुकों को भारतीय राजनीति के वैचारिक विकास को समझने का अवसर मिलेगा। जानकारों के अनुसार, यह परिसर केवल स्मारक नहीं, बल्कि एक वैचारिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को नेतृत्व, सेवा, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन आदर्शों से प्रेरणा ले सकें।

PM मोदी का संदेश और आगे की भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर कहा कि सरकार देश की महान विभूतियों की विरासत के सम्मान और संरक्षण के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने लिखा कि अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की 101वीं जयंती पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन उनके लिए सौभाग्य की बात है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस परिसर में स्थापित प्रतिमाएं और संग्रहालय राष्ट्र निर्माण में इन दूरदर्शी नेताओं के अमूल्य योगदान को समझने का अवसर देंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले समय में यह स्थल एक राष्ट्रीय प्रेरणा केंद्र के रूप में उभरेगा, जहां से विचार, मूल्य और राष्ट्र सेवा की भावना को नई दिशा मिलेगी।

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