17 दिनों तक चली दुआएं भी नहीं बचा सकीं डॉ. रजत पांडे को, रायबरेली ने खो दिया अपना प्रिय डॉक्टर

रायबरेली के लोगों के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। पिछले 17 दिनों से पूरा शहर सिर्फ एक ही दुआ कर रहा था कि डॉ. रजत पांडे जल्द स्वस्थ होकर वापस लौट आएं। मंदिरों में पूजा हुई, मस्जिदों में दुआ मांगी गई, गुरुद्वारों में अरदास हुई और चर्चों में भी उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना की गई। हर किसी को उम्मीद थी कि डॉक्टर साहब एक बार फिर अपने मरीजों के बीच लौटेंगे। लेकिन आखिरकार 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच चली इस लड़ाई में उनकी मौत हो गई।

सड़क हादसे के बाद अस्पताल में चल रहा था इलाज

जानकारी के अनुसार, डॉ. रजत पांडे एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही थी। परिवार, मित्र, मरीज और शहर के लोग हर पल उनकी सेहत में सुधार की खबर का इंतजार कर रहे थे। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

सिर्फ डॉक्टर नहीं, लोगों के लिए थे अपने परिवार जैसे

डॉ. रजत पांडे पेशे से गैस्ट्रो सर्जन थे और अपने काम में बेहद कुशल माने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे चिकित्सा जीवन में हजारों मरीजों का सफल इलाज किया। उनके पास इलाज कराने आने वाले लोग सिर्फ मरीज नहीं होते थे, बल्कि वे हर किसी से अपनापन और सम्मान के साथ पेश आते थे।

कई लोगों का कहना है कि डॉ. पांडे मरीजों की परेशानी को ध्यान से सुनते थे और उन्हें पूरी ईमानदारी के साथ इलाज देते थे। यही वजह थी कि उनके मरीज उन पर पूरा भरोसा करते थे। उनके व्यवहार ने उन्हें सिर्फ एक अच्छे डॉक्टर ही नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान की पहचान भी दिलाई।

पूरे शहर में शोक की लहर

डॉ. रजत पांडे के निधन की खबर सामने आते ही रायबरेली में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके साथ बिताए गए अनुभव साझा कर रहे हैं। जिन लोगों की उन्होंने कभी मदद की थी, वे आज उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं।

अस्पताल से लेकर शहर के अलग-अलग इलाकों तक हर जगह लोग उनके निधन को चिकित्सा जगत की बड़ी क्षति बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि ऐसे डॉक्टर बहुत कम मिलते हैं, जो अपने पेशे को सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि सेवा का माध्यम मानते हों।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

डॉ. रजत पांडे अपने पीछे अपनी पत्नी, एक छोटी बेटी और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं। परिवार इस गहरे दुख से गुजर रहा है। उनकी छोटी बेटी के सिर से पिता का साया उठ जाना हर किसी को भावुक कर रहा है।

शहर के लोग परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें इस कठिन समय में हिम्मत देने की कोशिश कर रहे हैं। हर कोई ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिले।

हमेशा याद किए जाएंगे डॉ. रजत पांडे

कहा जाता है कि कुछ लोग अपने काम और व्यवहार से लोगों के दिलों में हमेशा के लिए जगह बना लेते हैं। डॉ. रजत पांडे भी ऐसे ही व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपने ज्ञान, मेहनत और सेवा भावना से न जाने कितने लोगों को नई जिंदगी दी। आज भले ही वे इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन जिन लोगों का उन्होंने इलाज किया और जिनके जीवन को बेहतर बनाया, उनकी यादों में वे हमेशा जीवित रहेंगे।

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