रायबरेली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक लोन दिलाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में फर्जीवाड़े के जरिए बैंकिंग सिस्टम को चूना लगाने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को आसान तरीके से लोन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और विभिन्न बैंकों में आवेदन कर भारी रकम का लोन पास करा लेता था। बाद में यह राशि हड़प ली जाती थी, जिससे बैंक और आम लोगों दोनों को नुकसान होता था।

मामले का खुलासा तब हुआ जब थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में एक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें फर्जी तरीके से लोन दिलाने और धोखाधड़ी की बात सामने आई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर गिरोह के सदस्यों को चिन्हित किया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में रोशन सिंह पुत्र हेम सिंह, बलराम पुत्र हेम सिंह, श्रीराम रावत उर्फ राजा, गोपाल सिंह, शिक्षा देवी पत्नी गोपाल सिंह शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्तों के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। साथ ही विभिन्न बैंकों के खातों से जुड़े रिकॉर्ड भी कब्जे में लिए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
इस गिरोह के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अपराधों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा और आम जनता को भी सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि वे ऐसे फर्जीवाड़े का शिकार न बनें।










