Raebareli: जन्मदिन पर फिजूलखर्ची और पार्टी करने के बजाय जरूरतमंदों की सेवा कर खुशियां बांटने की मिसाल पेश करते हुए हर्षवर्धन तिवारी ने अपना जन्मदिन वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के बीच मनाया। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों को भोजन कराया और आवश्यक सामग्री वितरित की। बुजुर्गों के साथ बैठकर भोजन करने और उनके बीच समय बिताने के साथ उन्होंने सभी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
शहर के आईटीआई परिसर स्थित स्वर्गीय ओम शिव शक्ति मानव सेवा मंडल द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम में हर्षवर्धन तिवारी अपने मित्रों और सहयोगियों के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि अपने स्वर्गीय दादा देवी दयाल शास्त्री के आदर्शों से प्रेरित होकर वह पिछले पांच वर्षों से प्रत्येक जन्मदिन पर बुजुर्गों के बीच पहुंचकर सेवा करते आ रहे हैं। जन्मदिन के अवसर पर सुपर मार्केट में दैनिक भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें उनके बड़े भाइयों और सहयोगियों ने सहभागिता निभाई।

हर्षवर्धन तिवारी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जन्मदिन पर पार्टी करना गलत नहीं है, लेकिन अपनी खुशियों में जरूरतमंदों को शामिल करना भी जरूरी है। युवा अपने समय और खर्च का थोड़ा-सा हिस्सा भी बुजुर्गों तथा गरीबों की सेवा में लगाएं, तो इससे बड़ा पुण्य का कार्य कोई दूसरा नहीं हो सकता। घर से भोजन के पैकेट तैयार कराकर जरूरतमंदों को देना या सड़क किनारे रहने वाले बच्चों को बिस्कुट और नमकीन बांटना भी सेवा का अच्छा माध्यम है।
उन्होंने माता-पिता को वृद्धाश्रम में छोड़ने की प्रवृत्ति पर दुख जताते हुए कहा कि जिन माता-पिता ने बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा किया, बुढ़ापे में उन्हें संतान के प्रेम और सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है। सरकारी सुविधाएं अपनी जगह हैं, लेकिन अपनों का स्नेह ही बुजुर्गों की सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने समाज से बुजुर्गों का सम्मान करने और उनकी सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।










