रायबरेली में जिला कारागार का साप्ताहिक निरीक्षण किया गया, जिसमें बंदियों की स्थिति, खानपान, रहन-सहन और स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। यह निरीक्षण उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमित पाल सिंह के दिशा-निर्देशन में किया गया।
जेल में बंदियों की स्थिति का लिया गया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनिशा ने जेल प्रशासन से बंदियों की देखरेख, सुविधाओं और व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जेलर हिमांशु रौतेला से जेल की समग्र स्थिति पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

जानकारी के अनुसार, जेल में कुल 984 बंदी निरुद्ध पाए गए।
महिला बंदियों और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
सचिव ने विशेष रूप से महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने कारापाल को निर्देश दिए कि बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराई जाए और उन्हें समय पर दवाइयां एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
विधिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन
निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। इस दौरान सचिव ने बंदियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, कानूनी परेशानियों और जेल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने बंदियों को बताया कि किसी भी प्रकार की विधिक सहायता के लिए वे जेल में स्थापित लीगल ऐड क्लीनिक का सहारा ले सकते हैं, जहां उन्हें निःशुल्क कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाती है।
बंदियों को दी गई कानूनी जानकारी
शिविर के माध्यम से बंदियों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता के बारे में जागरूक किया गया, ताकि वे अपनी समस्याओं का समाधान सही प्रक्रिया के माध्यम से कर सकें।
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल राजकुमार सिंह, असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउंसिल विपिन कुमार, उपकारापाल अंकित गौतम एवं धर्मपाल सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।










