गाड़ी चलाने से इंकार करना पड़ा भारी: रायबरेली में दबंगों का कहर, घर में घुसकर महिलाओं और बच्ची से मारपीट

रायबरेली के जमुरवा बुजुर्ग गांव में गाड़ी चलाने से मना करने पर दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं और बच्ची से मारपीट की। पीड़िता ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार।

रायबरेली जिले के सलोन थाना क्षेत्र के जमुरवा बुजुर्ग गांव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां गाड़ी चलाने से मना करना एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। आरोप है कि दबंगों ने न सिर्फ घर में घुसकर हमला किया, बल्कि महिलाओं और एक नाबालिग बच्ची तक को नहीं बख्शा। इस घटना ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है।

क्या है पूरा मामला

पीड़िता रेखा देवी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक, उनके पति पवन कुमार पेशे से ड्राइवर हैं। गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोग उन पर लगातार अपनी बस चलाने का दबाव बना रहे थे। जब उन्होंने इस काम को करने से इंकार किया, तो विवाद बढ़ गया।

धमकी और फिर हमला

रेखा देवी का आरोप है कि पति के मना करने पर आरोपी रास्ते में रोककर गाली-गलौज और मारपीट करते थे। घटना के तीन दिन पहले जब उनके पति घर पर नहीं थे, तभी आरोपी घर में घुस आए और पति के बारे में पूछते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने रेखा देवी और उनकी नाबालिग बेटी को बेरहमी से पीटा और जमीन पर पटक दिया।

दहशत में परिवार

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार दहशत में है और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं, यह मामला प्रदेश में चल रहे “मिशन शक्ति” अभियान पर भी सवाल खड़ा करता नजर आ रहा है, जहां महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।

‘मिशन शक्ति’ पर उठे सवाल

प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे “मिशन शक्ति” अभियान के बीच इस तरह की घटनाएं जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती हैं।

  • क्या महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?
  • क्या ग्रामीण क्षेत्रों में दबंगों का दबदबा अब भी कायम है?

यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अब देखना होगा कि आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।

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