रायबरेली के राही ब्लॉक सभागार में बुधवार को आयोजित बैठक का माहौल उत्साह और नई जिम्मेदारियों के भाव से भरा रहा। प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक का दायित्व दिए जाने के बाद पहली बार बड़ी संख्या में प्रधान एक मंच पर एकत्र हुए। इस अवसर पर सदर विधायक अदिति सिंह ने राही और अमावा ब्लॉक क्षेत्र के प्रधानों से संवाद करते हुए उन्हें नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं दीं।
गांवों के विकास को लेकर दिया स्पष्ट संदेश
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक अदिति सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साझा प्रयासों से ही संभव हो सकता है। उन्होंने प्रधानों से अपेक्षा जताई कि वे गांवों में विकास कार्यों की गति को और तेज करें तथा हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

जनकल्याणकारी योजनाओं पर रहा विशेष जोर
बैठक के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर भी चर्चा की गई। विधायक ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए ग्राम स्तर पर निरंतर निगरानी और जनसंपर्क आवश्यक है। उन्होंने प्रधानों से लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनका समाधान कराने का आग्रह किया।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया बल
अदिति सिंह ने विकास कार्यों में पारदर्शिता को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने प्रधानों को सलाह दी कि सभी कार्य नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराए जाएं ताकि गांवों में स्थायी और प्रभावी विकास सुनिश्चित हो सके।
प्रधानों ने भी दोहराया विकास का संकल्प
बैठक में मौजूद प्रधानों ने गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी के साथ उनकी जवाबदेही भी बढ़ी है और वे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे। कई प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जरूरतों और विकास संबंधी सुझाव भी साझा किए।
ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की कोशिश
बैठक को ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशासनिक दायित्व मिलने के बाद प्रधानों और जनप्रतिनिधियों के बीच हुआ यह संवाद आने वाले समय में गांवों के विकास कार्यों को नई गति देने में सहायक साबित हो सकता है। बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि विकास, पारदर्शिता और जनसेवा के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया जाए।










