Rajput Karni Sena Raebareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने पोठाई फुरसतगंज (रायबरेली) के रहने वाले युवा नेता वीरेंद्र बहादुर सिंह को रायबरेली जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। संगठन ने उन पर काफी अहम जिम्मेदारी सौंपी है, जिसमें समाज में हो रहे अन्याय, अत्याचार और खासकर गरीबों, असहायों तथा महिलाओं के खिलाफ होने वाली हर गलत बात को रोकना शामिल है। यह नियुक्ति संगठन के प्रदेश स्तर के नेताओं के फैसले पर हुई है, जिससे रायबरेली में राजपूत समाज और संगठन की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
वीरेंद्र बहादुर सिंह कौन हैं?/Rajput Karni Sena Raebareli
वीरेंद्र बहादुर सिंह रायबरेली के पोठाई फुरसतगंज गांव के निवासी हैं। वे एक युवा और ऊर्जावान नेता के रूप में जाने जाते हैं। पहले भी वे स्थानीय स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक कामों में सक्रिय रहे हैं। संगठन के विश्वास पर खरा उतरने के लिए वे पूरी तरह तैयार दिख रहे हैं। नियुक्ति की खबर मिलते ही उन्होंने खुशी जाहिर की और कहा कि वे संगठन की नीतियों का पूरी ईमानदारी से पालन करेंगे। उन्होंने वादा किया कि चाहे राजनीतिक मुद्दे हों या गरीबों की मदद का मामला, वे हमेशा आगे रहेंगे। उनका मकसद संगठन को और मजबूत बनाना और समाज में एकता लाना है।

संगठन ने क्या जिम्मेदारी सौंपी?
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने वीरेंद्र बहादुर सिंह को जिला अध्यक्ष बनाकर साफ संदेश दिया है कि अब रायबरेली में अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन का मुख्य फोकस राजपूत समाज की एकता, स्वाभिमान और संस्कृति की रक्षा पर है। साथ ही गरीबों, महिलाओं और कमजोर वर्गों पर होने वाले किसी भी अन्याय के खिलाफ मजबूत आवाज उठाना है। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे संगठन के इस संकल्प को जमीन पर उतारेंगे। अगर कहीं भी अत्याचार होगा, तो संगठन की टीम तुरंत कार्रवाई करेगी और पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी।
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का इतिहास और काम
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना एक ऐसा संगठन है जो राजपूत समाज के लिए काम करता है। यह वर्षों से समाजसेवा, न्याय की लड़ाई और राजपूत एकता के लिए सक्रिय है। संगठन करणी माता के नाम पर आधारित है और राजपूत स्वाभिमान की रक्षा को अपना मुख्य लक्ष्य मानता है। पूरे देश में इसकी कई इकाइयां हैं, जो अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाती हैं। चाहे फिल्मों में राजपूत इतिहास का गलत चित्रण हो या समाज में कोई अन्याय, संगठन हमेशा मैदान में उतरता है। रायबरेली में वीरेंद्र बहादुर सिंह की नियुक्ति से यहां संगठन की गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय स्तर पर मीटिंग्स, जागरूकता अभियान और जरूरतमंदों की मदद के कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
नियुक्ति पर क्या बोले वीरेंद्र सिंह?
नियुक्ति की खुशी में वीरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैं संगठन के नेताओं का आभार मानता हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। मैं वादा करता हूं कि संगठन की हर नीति का पालन करूंगा और रायबरेली जिले को मजबूत बनाऊंगा। गरीबों की मदद, महिलाओं की सुरक्षा और समाज में न्याय सुनिश्चित करना मेरा पहला काम होगा। हम सब मिलकर राजपूताना की शान बढ़ाएंगे।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव या किसी भी चुनौती से नहीं डरेंगे और हमेशा सही के साथ खड़े रहेंगे।
रायबरेली में क्या प्रभाव पड़ेगा?
रायबरेली पहले से ही राजपूत समाज का मजबूत गढ़ रहा है। यहां कई पूर्व विधायक और नेता राजपूत समुदाय से हैं। वीरेंद्र बहादुर सिंह की नियुक्ति से संगठन की पहुंच गांव-गांव तक बढ़ेगी। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अब अत्याचार के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी। संगठन गरीबों को कानूनी मदद, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कामों में भी हाथ बंटाएगा। जय राजपूताना और जय मां भवानी के नारे के साथ संगठन आगे बढ़ रहा है।










